फिरोजाबाद में दौड़ रहे 15 साल पुराने वाहनों पर नगर निगम ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इन वाहनों की आईटीएमएस (इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) के तहत नगर निगम द्वारा निगरानी की जा रही है। वाहनों का डाटा एकत्रित कर परिवहन विभाग को सौंपा जाएगा।
ऐसे वाहनों को आईटीएमएस योजना के तहत चिन्हित कर उनके बारे में सहायक संभागीय परिवहन विभाग को सूची सौंपी जाएगी। लखनऊ से ट्रैफिक सिग्नल के लिए जल्द ही कनेक्टिविटी मिलने के साथ ही ऑनलाइन चालान की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। आईटीएमएस के माध्यम से एकत्रित किया जाने वाला डाटा हर रोज कंपनी के कर्मचारियों द्वारा नगर निगम अफसरों को सौंपा जा रहा है।
एआरटीओ राजेश कर्दम ने बताया कि एक जनवरी 2019 से लेकर 31 मई 2022 तक जिले में एक लाख 40 हजार आठ वाहन संचालित है। इसमें से एक लाख 38 हजार 314 वाहन स्वामियों द्वारा वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवा ली गई है। शेष बचे दो हजार 229 वाहनों पर अभी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं है। जिन वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम के चीफ इंजीनियर संजय सिंह चौहान ने बताया कि आईटीएमएस के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से अभी उन वाहनों की निगरानी की जा रही है जो 15 साल पुराने है। जिनका टीटीजेड क्षेत्र में चलना प्रतिबंधित है। इन वाहनों का प्रतिदिन डाटा एकत्रित करके सहायक संभागीय परिवहन विभाग को सौंपा जाएगा। कनेक्टिविटी मिलने के साथ ही यातायात नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ चालान की कार्रवाई लखनऊ से की जाएगी।
91 तीन हजार किग्रा डीजल वाहन