15 साल पुराने वाहनों के लिए 90 दिन में अनुमति नहीं ली तो ये सभी कबाड़ में कटेंगे। टीटीजेड की 63वीं बैठक में 15 साल पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों की स्क्रैप पॉलिसी पर लगी मुहर।
ताज ट्रेपेजियम जोन प्राधिकरण (टीटीजेड) की सोमवार को मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में 63वीं बैठक हुई। जिसमें 15 साल पुराने डीजल व पेट्रोल वाहनों की स्क्रैप पाॅलिसी का प्रस्ताव पास कर दिया गया। आरटीओ से इस संबंध में जल्द नोटिस प्रकाशित होगा। इसके अनुसार 90 दिन में ऐसे वाहनों की अनुमति नहीं ली गई तो उन्हें स्क्रैप पाॅलिसी के तहत कबाड़ में काटा जाएगा।
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वर्ष 2018 से 2022 तक टीटीजेड में 2.50 लाख वाहन कबाड़ घोषित हो चुके हैं। इनके अलावा करीब 45 हजार वाहन अभी सड़कों पर दौड़ रहे हैं। अब ऐसे सभी वाहनों का स्क्रैप पॉलिसी के तहत निस्तारण किया जाएगा।
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इसके अलावा मृत पशुओं के अपशिष्ट निस्तारण के लिए कारकस प्लांट स्थापना का प्रस्ताव भी सशर्त पास हुआ। इस प्लांट का निर्माण जलेसर में दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर होगा। मंडलायुक्त ने इस शर्त पर प्रस्ताव पास किया है कि सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद ही अन्य औपचारिकताएं शुरू की जाएंगी।
एत्मादपुर के रायपुर व रहनकलां में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर परियोजना की टीटीजेड में संस्तुति का प्रस्ताव रखा गया। यहां पेड़ काटे जाने हैं। याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। मंडलायुक्त ने सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मिलने की शर्त पर प्रस्ताव को मंजूरी की बात कही।
नीरी की गाइडलाइंस पर भी चर्चा
फिरोजाबाद कांच उद्योग, स्टोन क्रशर की स्थापना और संचालन के बारे में नीरी की सेक्टोरियल गाइडलाइंस पर चर्चा की गई। वायु प्रदूषण स्कोर 11 से 20 उद्योग के संचालन के लिए अध्ययन कराने को रिवाॅल्विंग फंड का प्रस्ताव रखा गया। 10 करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराने की मांग की गई। मंडलायुक्त ने प्रस्ताव अनुमोदित करते हुए कहा कि या तो प्रदूषण बोर्ड यूपी एवं भरतपुर अपने स्तर से अध्ययन कराएं या फिर इस रिवाॅल्विंग फंड के लिए धनराशि उपलब्ध कराएं।
ये भी हुए निर्णय
- मथुरा रमणरेती स्थित जगद्गुरु कृपालु परिशात श्यामा श्याम धाम पर लगी रोक हटा ली गई है।
- यमुना नदी स्थित नगला बालचंद के पास पोइया घाट स्थल पर दोनों किनारों के मध्य 33 केवी ग्रेड अंडरग्राउंड केबल डालने का प्रस्ताव पास।
- नगर पालिका फतेहपुर सीकरी और अछनेरा के आसपास सीएनजी अथवा ग्रीन गैस के पंप स्थापित कराए जाएं, टिपर वाहनों को सीएनजी में परिवर्तित किए जाए।
- वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए ग्रैप के अनुसार कार्रवाई की जाए। संबंधित जिलों के डीएम नियमित समीक्षा करें।
- सीएंडडी वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स का पालन कराने के लिए बिल्डिंग मैटेरियल दुकानों व कंस्ट्रक्शन साइट का लगातार निरीक्षण किया जाए।
- टीटीजेड क्षेत्र में संचालित पारंपरिक मोक्ष धाम स्थलों को विद्युत शवदाह गृह या गैस आधारित शवदाह गृह में परिवर्तित किया जाए।
- सिंगल यूज प्लास्टिक, पॉलिथीन, थर्मोकोल पर आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, एटा, हाथरस और भरतपुर में पूर्ण रोक लगाई जाए।
- पेठा इकाइयों के स्थानांतरण एवं पेठा इकाइयों में कोयले के प्रयोग को प्रतिबंधित किया जाए। कोयला दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाएं।