ताजमहल के आसपास लगे वृक्षों पर आरी चलने वाली है। इससे दुनिया की इस खूबसूरत इमारत के पास हरियाली को नुकसान होगा लेकिन पेड़ काटना जरूरी भी बताया जा रहा है। मामले की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी गई है।
बताया गया है कि ताजमहल से 800 मीटर दूर शिल्पग्राम में प्रस्तावित ताज ओरिएंटेशन सेंटर और पार्किंग के निर्माण में 15 पेड़ काटे जाने के मामले में सेंट्रल एंपावर कमेटी ने बुधवार दोपहर को निरीक्षण किया। चार सदस्यीय टीम ने इनर रिंग रोड से आने वाले ट्रैफिक के मद्देनजर पार्किंग के निर्माण को जरूरी माना है। यह टीम अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी। उसके बाद ही पेड़ काटने की अनुमति पर फैसला होगा।
231.85 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित ताज ओरिएंटेशन सेंटर की राह में 15 पेड़ बाधक हैं। पर्यटन विभाग ने इन पेड़ों को काटने के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मांगी है। कोर्ट के दिसंबर में दिए गए निर्देश के बाद सेंट्रल एंपावर कमेटी के चार सदस्य बुधवार को निरीक्षण के लिए शिल्पग्राम पहुंचे। कमेटी चेयरमैन पीवी जयकृष्णन, एडीएन राव, अमरनाथ शेट्टी के निरीक्षण में डीएम गौरव दयाल, एएसआई अधीक्षण पुरातत्वविद डा. भुवन विक्रम, डीएफओ केके सिंह और यूपी टूरिज्म उपनिदेशक दिनेश कुमार ने उन्हें प्रोजेक्ट के बारे में बताया।
उत्तर प्रदेश में पूर्व की अखिलेश सरकार ने ताज ओरिएंटेशन सेंटर को मंजूरी दी थी और 30 करोड़ रुपये रिलीज किए। राजकीय निर्माण एजेंसी ने टाटा प्रोजेक्ट को इसका काम सौंपा है। मल्टीलेवल पार्किंग के निर्माण में कई पेड़ बाधा हैं, जबकि पूरे सेंटर में 15 पेड़ काटने होंगे।
समिति सदस्यों ने कहा है कि अगर सुप्रीम कोर्ट ने पेड़ काटने की अनुमति दी तो पेड़ काटने के एवज में 10 गुना ज्यादा पेड़ लगाने होंगे। वन विभाग पेड़ों को लगाने के काम का निर्देशन करेगा। निरीक्षण के बाद टीम ताजमहल का भी दीदार किया।