आगरा। लखनऊ में कोडीन सिरप बेचने वाले अंतरराष्ट्रीय तस्कर पकड़े जाने के बाद आगरा में भी औषधि विभाग की टीम ने ताबड़तोड़ जांच की। टीम लखनऊ से आई है। मेडिकल की 15 फर्मों और स्टोरों पर एक साथ छापा मारकर कोडीन सिरप की खरीद-बिक्री के रिकाॅर्ड खंगाले गए। संचालकों को नोटिस देकर दो साल के रिकॉर्ड भी तलब किए जा रहे हैं। देर रात तक जांच चलती रही।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की आयुक्त रोशन जैकब और अखिलेश कुमार जैन के नेतृत्व में विशेष टीम ने आगरा में कोडीन सिरप की जांच करने के लिए भेजा है। इस पर दोपहर में 10 अधिकारियों की टीम ने कमला नगर, सिकंदरा, संजय प्लेस, फव्वारा समेत कई क्षेत्रों के मेडिकल स्टोरों पर छापा मारा। इसमें एपी फार्मा, रश्मि फार्मा, रजत फार्मा, राजधानी ड्रग, विजय मेेडिकल एजेंसी, माधव ड्रग हाउस, मन्नू फार्मा, एचएमजी ड्रग हाउस, महेश फार्मा समेत 15 मेडिकल फर्मों और सिकंदरा के एक गोदाम में छापा मारा।
कोडीन सिरप की खरीद-बिक्री के कंप्यूटर में रिकाॅर्ड खंगाले। कोडीन सिरप का स्टॉक नहीं मिला लेकिन खरीद-बिक्री के साक्ष्य मिले हैं। संचालकों को नोटिस देकर बीते दो साल के नारकोटिक्स श्रेणी की दवाओं की खरीद-बिक्री के रिकाॅर्ड तलब किए हैं। संजय प्लेस स्थित मेडिजोन ड्रग डिस्ट्रीब्यूटर्स के गोदाम पर भी छापा मारकर दवाओं की जांच की जा रही है।
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सात जिलों के अधिकारी कर रहे जांच
- छापे में सात जिलों के औषधि विभाग के अधिकारी शामिल हैं। इसमें लखनऊ से वैभव बब्बर, एटा से अनिरुद्ध कुमार, मैनपुरी से दीपक कुमार, गाजियाबाद से आशुतोष मिश्रा, फिरोजाबाद से देशबंधु विमल, आगरा से कपिल शर्मा, मथुरा से प्रेम पाठक हैं। कार्रवाई के दौरान टीम ने वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी की है।
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संचालकों से लिखवाई खरीद-बिक्री
टीम ने छापे के वक्त संचालकों से उनकी फर्म के लेटरपैड पर कोडीन सिरप की खरीद-बिक्री करते हो कि नहीं, कब से करते हो, कब किया। यह लिखित में लिया है। अगर कोई संचालक कोडीन सिरप की खरीद-बिक्री नहीं करता है तो ये भी लिखकर लिया है।
चिंटू आहूजा की फर्म की भी हुई जांच
- देवेंद्र उर्फ चिंटू आहूजा और उसके परिवार की फर्म पर भी छापा मारा है। इसको त्रिपुरा क्राइम ब्रांच ने नोटिस देकर 5 दिसंबर को अगरतला में उपस्थित होने के आदेश दिए थे। इसके खिलाफ अगरतला में कोडीन सिरप की तस्करी का केस चल रहा है। इस पर कफ सिरप की बांग्लादेश तक कालाबाजारी की जांच चल रही है। इसके कई नेताओं के साथ फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
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कफ सिरप से कर रहे नशा, बांग्लादेश तक तस्करी
आगरा। नशाखोरी ने कफ सिरप की मांग बढ़ा दी है। इसकी मांग देश के 15 राज्यों के साथ बांग्लादेश में भी बढ़ गई है। आगरा में अवैध फैक्टरी में नकली कफ सिरप बनते पकड़े गए थे। फैक्टरी विजय गोयल की थी, जो अभी जेल में है।
एंटी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स और औषधि विभाग की टीम ने 2023 में सिकंदरा, बिचपुरी क्षेत्र में तीन अवैध फैक्टरी पकड़ीं। इसमें कफ सिरप बनाए जा रहे थे। यह दवा माफिया विजय गोयल की फैक्टरी थी। यहां से 6 करोड़ रुपये के नकली कफ सिरप और मशीनें जब्त की थीं। जेल से बाहर आने के बाद विजय गोयल ने बीते साल अक्तूबर में फिर से फैक्टरी शुरू कर नकली कफ सिरप बनाना शुरू कर दिया था। इसमें 8 करोड़ रुपये की दवाएं और मशीनें मिली थीं। जांच में ये उत्तर प्रदेश, पंजाब, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र के अलावा बांग्लादेश तक कफ सिरप की तस्करी करता था। यह हिमाचल प्रदेश और दिल्ली से कच्चा माल खरीदकर लाता था।