फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चाकू से अमन का सिर काटा और फिर मूसल से कुचल दिया

विज्ञापन
अमन (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
आगरा। आरोपी लकी ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह शुक्रवार की रात अमन को तकरीबन आठ बजे घर से बुलाकर ले गया था। उसके नाबालिग दोस्त साथ में ही थे। उससे सिर्फ इतना कहा कि कुछ जानकारी करनी है। वह साथ चलने के लिए राजी हो गया। इसके बाद नंदलालपुर के जंगल में ले जाकर उससे कहा कि वह अपनी मां सरोज की मौत का सच जानना चाहता है। अमन ने कहा कि उसे कुछ नहीं मालूम है। उसने कहा कि कैसे नहीं मालूम, हमारे घर में लड़ाई की वजह तेरी मां अंजू है, वह मेरे पिता राम सहाय से बात क्यों करती है।
विज्ञापन


पुलिस ने बताया कि इस पर अमन ने कहा कि उससे उल्टे सीधे सवाल न किए जाएं, वह इनका कोई जवाब नहीं देगा। इसी पर लकी आपा खो बैठा। वह चाकू लेकर गया था। उसने चाकू निकाला और अमन को गोद डाला। तीन जगह वार किया, हाथ, पीठ और गर्दन पर।

उसके दोस्तों ने साथ दिया। वह यहीं पर नहीं रुका। इसके बाद चाकू से सिर काटकर अलग कर दिया। बर्बरता की इंतहा तो यह रही कि धड़ से सिर अलग हो जाने के बाद भी वह रुका नहीं। उसने स्कूटी में पहले से मूसल रखा था। उसे निकाला और सिर को कुचल दिया। दोस्तों ने कहा कि ऐसा क्यों कर रहा है तो बोला कि ताकि शव की पहचान न हो। मूसल से सिर पूरी तरह नहीं कुचला तो ईंट पत्थरों से कुचला। वह शव को यमुना में बहाना चाहता था। दोस्त भी तैयार थे लेकिन इसमें कामयाब नहीं हो सके। डर था कि रास्ते में कोई देख न ले। पुलिस ने मौका ए वारदात से हत्या में इस्तेमाल हथियार, खून से सने ईंट पत्थर और कपड़े बरामद कर लिए हैं।
विज्ञापन


मृतक की मां अंजू का आरोप है कि बेटे के रात तकरीबन 9:30 बजे तक घर नहीं आने पर उन्होंने लकी से पूछताछ की, लेकिन वह गलत बात करता रहा। इस पर पुलिस को सूचना दी। लकी पर शक जताया, लेकिन पुलिस ने उससे पूछताछ करना जरूरी नहीं समझा। तहरीर भी नहीं ली गई। शनिवार को दबाव बनाने पर गुमशुदगी दर्ज कर ली। फोटो भी ले लिए। सुबह लकी और उसके साथी को थाने लेकर आए। रात में दरोगा ने लकी के साथी को छोड़ दिया। आरोप है कि दारोगा ने रुपये लेकर उसे छोड़ा। पूछताछ तक नहीं की। रविवार को लाश मिलने पर जब दरोगा वेदप्रकाश पोस्टमार्टम हाउस पर आया तो लोगों ने घेर लिया। उसकी पिटाई लगा दी। दरोगा ने पोस्टमार्टम के कर्मचारियों के कमरे में छिपकर जान बचाई। काफी देर तक वह कमरे में ही बंद रहा। सूचना पर सीओ छत्ता बीएस त्यागी फोर्स के साथ आ गए। लोगों ने पुलिस की लापरवाही की शिकायत की। दरोगा को किसी तरह भेजा गया। उधर, रात को एसएसपी ने उसे सस्पेंड कर दिया।
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें