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30 गांव से ग्रामीण हुए हैं बैंक जालसाजी का शिकार

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100 का नोट
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कासगंज। एसबीआई के गोरहा ग्राहक सेवा केंद्र का घोटाला बड़े पैमाने पर होने की उआशंका है। घोटाले की परतें खुलनी शुरू हो गई हैं। धोखाधड़ी का शिकार हुए ग्रामीण अब सामने आ रहे हैं। गोरहा के आसपास के 30 से अधिक गांव के ग्रामीणों के खाते इस सेवा केंद्र पर संचालित थे।
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घोटाले की खबर प्रकाश में आने के बाद ग्रामीणों में खलबली मच गई और लोग बंद ग्राहक सेवा केंद्र पर जुटने लगे। केंद्र का संचालक अर्जुन फरार है। ग्रामीणों में घोटालेबाज को लेकर काफी आक्रोश देखा गया। अब ग्रामीण घोटालेबाज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का मन बना रहे हैं। पीड़ित ग्रामीणों ने गोरहा केंद्र पर यह जानकारी दी। जिस तरह से लोगों के जमा धन की जानकारी सामने आई है उससे यह घोटाला काफी बड़ा होने के आसार नजर आ रहे हैं।
नगला हीरा की कुसमा की पासबुक में 4,50,300 रुपये का बैलेंस था, लेकिन उनके मूल खाते में यह बैलेंस गायब है। इसी तरह से डोरई के विशाल कुमार के खाते से 29 हजार, इसी गांव की शशि के खाते से एक लाख 10 हजार, नगला कंचन की धनवेश्वरी के खाते से 45 हजार, नगला हीरा के राम चंद्र के 70 हजार, कृष्ण कुमार के 54500, राजा राम के 59964, नीरज के 25 हजार, नगला कंचन के मुनीश कुमार के 13 हजार, जय चंद्र के 2 लाख 17 हजार, पुष्पा देवी के 15 हजार, रघुवीर के 75 हजार, अमन कुमार के एक लाख, सुरेश पाल, वीर पाल सहित सैकड़ों किसानों की पासबुक पर तो बैलेंस एंट्री है, लेकिन मूल खाते में बैलेंस नहीं है।
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इन गांव के ग्रामीण हुए शिकार
कासगंज। जालसाजी में वैसे तो तमाम गांव के ग्रामीण फंसे हैं, लेकिन सबसे अधिक संख्या गोरहा, नगला हीरा, डोरई, पहाड़पुर, नगला भभूती, लुहर्रा, बुरहना, मामो, नगला बंजारा, नगला खंजी के ग्रामीण शामिल हैं। इसके अलावा खैरपुर, नगला कंचन, नगला दौली, नगला सतावर, नगला सूखा, नगला झद्दी, गुरगुड़ी, ब्रह्मपुरी, बहेडिय़ा, मुसावली, रजपुरा, हरनाथपुर के सैंकडों किसानों की जमा पूंजी लेकर जालसाजी फरार है।
नोटबंदी में मालामाल हो गया जालसाज
कासगंज। नोटबंदी के दौरान जालसाज ने सबसे अधिक घोटालेबाजी की। पुराने नोट जमा करने के लिए इस ग्राहक सेवा केंद्र पर किसानों की भीड़ लगी। उपभोक्ताओं ने पुराने नोट तो जमा कर दिए, लेकिन बदले में नए नोट नहीं निकाले। पीड़ित केहरी सिंह ने बताया कि नोटबंदी के दौरान उन्होंने 10 हजार रुपये खाते में जमा किए, लेकिन मूल खाते में अब कोई धनराशि नहीं है।
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