मैनपुरी। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर विवाहिता की जलाकर हत्या करने के मामले में सास और ननद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। उनको पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी देना होगा। जुर्माना नहीं देने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
थाना कोतवाली के सिकंदरपुर निवासी इमरान अली की शादी 20 फरवरी 2011 को रुखसार निवासी लाहौरी टोला छिबरामऊ जिला कन्नौज के साथ हुई थी।
शादी के बाद दहेज की मांग को लेकर रुखसार का सास रज्जो, ननद सायरा बानो निवासी करियानीम भोगांव तथा गुड़िया, नाजिया, सोबिया निवासी मेवाती टोला थाना कोतवाली इटावा ने उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर 13 फरवरी 2018 की रात को उसको जला दिया गया। सैफई में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। रुखसार के भाई शोएब अहमद ने पांचों के खिलाफ थाना कोतवाली मैनपुरी में दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी।
पुलिस ने जांच के बाद सभी को दोषी पाकर उनके खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज मनमोहन सिंह की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता पुष्पेंद्र चौहान ने की। अपर जिला जज ने सास रज्जो तथा ननद सोबिया को दहेज हत्या का दोषी पाकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उनको पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी देना होगा। जुर्माना नहीं देने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अपर जिला जज मनमोहन सिंह ने निर्णय में लिखा है आरोपियों को उनके द्वारा किए गए अपराध के अनुपात में दंड दिए जाने से ही न्याय का प्रयोजन पूर्ण हो सकेगा। न्याय के प्रति समाज में विश्वास उत्पन्न होगा। अपराधी अपराध करने से पूर्व अवश्य सोचेंगे।
सजा सुनते ही दहाड़ें मारकर रोईं
सजा सुनने के लिए जेल से लाई गईं सास और ननद अदालत में गुमसुम खड़ी थीं। अपर जिला जज ने जैसे ही उनको आजीवन कारावास की सजा सुनाई दोनों अदालत में ही दहाड़ें मारकर रोने लगीं। अदालत में मौजूद महिला पुलिस बमुश्किल उनको दीवानी हवालात ले जा सकी।