मथुरा। जवाहर बाग के कब्जाधारियों को सोमवार को हथकड़ी में कोर्ट में पेश किया गया। हथकड़ी लगाने का आरोपियों ने विरोध किया। जानकारी रहे इससे पूर्व पुलिस बिना हथकड़ी के ही कोर्ट में पेश करती थी। सोमवार को हत्या और हत्या के प्रयास के मामले में कोर्ट में 95 आरोपी पेश हो सके।
जवाहर बाग हिंसा में हत्या के मामले में सोमवार को कोर्ट आए 95 आरोपियों को जब पुलिस ने हथकड़ी डालकर कोर्ट में पेश किया तो आरोपियों ने इसका विरोध किया। पुलिस ने उन्हें सुरक्षा कारणों से ऐसा किए जाने का हवाला दिया। सभी आरोपियों को एडीजे षष्टम कोर्ट में पेश किया गया। यहां पर 48 मथुरा, 25 आगरा, 20 आरोपी अलीगढ़ जेल से हाजिर हुए।
जबकि फतेहपुर से चंदन बोस कानपुर नगर से राकेश बाबू गुप्ता पेश हुए। इस मामले में नैनी जेल भेजा हरनाथ जेल भेजे जाने के बाद से अब तक हाजिर नहीं हो सका। सुल्तानपुर जेल से अनूप सिंह भी हाजिर नहीं हो सका। इसी कोर्ट में सदर थानाध्यक्ष प्रदीप पांडे पर हत्या के प्रयास के मामले में चंदन बोस ही हाजिर हो सका। बचाव पक्ष के अधिवक्ता एलके गौतम ने बताया कि इस मामले में कुल 14 मेें से 11 के खिलाफ गैरजमानती वारंट हैं। जिसमें रामवृक्ष भी शामिल है।
25 आरोपी नहीं उतरे गाड़ी से
कोर्ट मेें हाजिर होने के लिए आगरा जेल से आए 25 आरोपी जेल से आई गाड़ी से ही नहीं उतरे। उनके विगत तीन दफा से कोर्ट में अपनी हाजिरी नहीं लगाई। उनका कहना है कि जब तक कोर्ट मौजूद नहीं रहेगी वह हाजिरी नहीं लगाएंगे।