बुधवार की सुबह बंदरों के हमले का शिकार हुए एक कारोबारी की छत से गिरकर मौत हो गई। कारोबारी की मौत से उनके परिवार में कोहराम मच गया। लोगों में बंदरों के उत्पात को लेकर आक्रोश देखा गया।
हादसे के शिकार गल्ला कारोबारी संजीव कुमार माहेश्वरी (47) पुत्र राजकिशोर माहेश्वरी निवासी नदरई गेट प्रभु पार्क बिजलीघर हुए। बताया कि कारोबारी सुबह करीब 9 बजे किसी काम से छत पर गए थे। तभी वहां बैठे बंदरों के झुंड ने कारोबारी पर हमला कर दिया। संजीव अपना बचाव करने के लिए छत की दूसरी तरफ गए, लेकिन पीछे से भी बंदरों ने उन्हें घेर लिया। इससे वह हड़बड़ा कर एफसीआई गोदाम की ओर गिर गए। परिवारीजनों को इस घटना के मामले काफी देर के बाद मिली। काफी देर तक जब छत से संजीव वापस नहीं लौटे तो परिवार के लोग उन्हें देखने छत पर गए, लेकिन छत पर वह दिखाई नहीं दिए। परिवारीजनों की नजर जब एफसीआई गोदाम की ओर पड़ी तो वहां खून से लथपथ संजीव दिखाई दिए। परिवारीजन दौड़कर मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी। परिवारीजन मौके से संजीव के शव को उठाकर सीधे चिकित्सालय पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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घटना की सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई कर शव पोस्टमार्टम को भेजा। वहीं जिलाधिकारी आरपी सिंह के निर्देश पर प्रभारी एसडीएम ब्रह्मानंद कठेरिया को मौके पर भेजा।
कारोबारी के पिता भी एक सप्ताह पूर्व हुए बंदर के हमले का शिकार
कासगंज। कारोबारी संजीव माहेश्वरी के पिता राज किशोर माहेश्वरी भी एक सप्ताह पूर्व बंदर के हमले का शिकार हुए। बंदर ने उन्हें काफी गंभीर तरीके से काट लिया। अभी उनका जख्म सही भी नहीं हो पाया कि बेटा भी बंदरों के हमले का शिकार हो गया।
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