मथुरा। दहेज के लिए विवाहिता की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए उसके पति, सास और ससुर को एफटीसी प्रथम साक्षी शर्मा की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। घटना के बाद से ही पति जेल में था। सास-ससुर को जमानत मिल चुकी थी। अदालत का निर्णय आने के बाद सास-सुसर को भी जेल भेज दिया गया।
ग्राम मीरपुर सुरीर निवासी वीरपाल सिंह ने अपनी बेटी ममता की शादी गढ़ी चुरमुरा निवासी दिनेश के साथ की थी। ससुराल वाले दहेज में लक्जरी कार की मांग करने लगे। मांग पूरी नहीं होने पर 29/30 जुलाई 2015 की रात ममता की हत्या कर दी गई। पिता ने उसके पति दिनेश, ससुर अशोक व सास ऊषा के खिलाफ हत्या करने का आरोप लगाते हुए फरह थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया। सास व ससुर को जमानत मिल गई, पति जेल में ही रहा।
इस मामले की सुनवाई एफटीसी प्रथम साक्षी शर्मा की अदालत में हुई। अदालत ने पति, सास और ससुर को ममता की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। शासन की ओर से इस मामले की पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रवीण कुमार सिंह ने की। सहायक शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि दोषी ठहराए जाने के बाद जमानत पर रिहा हो चुके सास-ससुर को हिरासत में ले लिया गया। सजा सुनाए जाने के बाद उन्हें भी जेल भेज दिया गया।