फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जवाहर बाग प्रकरण: गवाही के लिए पेश नहीं हुए डॉक्टर

विज्ञापन
विज्ञापन
मथुरा। जवाहर बाग पर कब्जे के दौरान दर्ज हुए मामलों के 47 आरोपियों की पेशी एसीजेएम प्रथम शैलेंद्र वर्मा की अदालत में हुई। आलू खोदाई मामले में गवाह सरकारी डॉक्टर कोर्ट में गवाही को नहीं पहुंचे। जमानत पर रिहा हो चुके पांच आरोपी भी पेशी पर पहुंचे। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए नौ जुलाई की तिथि निर्धारित की है।
विज्ञापन


जवाहर बाग पर कब्जे के दौरान आलू खोदाई को लेकर रामवृक्ष यादव और उसके गुर्गों ने उद्यान कर्मचारियों के साथ मारपीट की थी। इसके अलावा कब्जा प्रकरण में अन्य मामले भी रामवृक्ष और उसके गुर्गों के खिलाफ दर्ज हुए थे। आरोपियों की पैरवी कर रहे अधिवक्ता एलके गौतम ने बताया कि कोर्ट में सरकारी डॉक्टर की गवाही होनी थी, लेकिन वह गवाही के लिए कोर्ट नहीं पहुंचे। इस पर कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए नौ जुलाई निर्धारित की है।

अधिवक्ता ने बताया कि जवाहर बाग कब्जा प्रकरण के दौरान 21 मामले दर्ज हुए थे। सभी मामलों में शामिल आरोपियों की कोर्ट में पेशी हुई। आगरा से 11, मथुरा से 27, अलीगढ़ जेल से छह आरोपियों के अलावा कानपुर जेल से राकेश बाबू गुप्ता, फतेहपुर जेल से चंदनबोस, गाजीपुर जेल से प्रेमचंद को पुलिस पेशी पर लेकर कोर्ट पहुंची।
विज्ञापन


हरनाथ को नैनी जेल इलाहाबाद व अनूप को सुल्तानपुर से पुलिस पेशी पर नहीं लेकर पहुंची। आरोपियों के अधिवक्ता ने बताया कि पुलिस ने कोर्ट को बताया कि सुरक्षा कारणों से हरनाथ और अनूप को कोर्ट में पेश नहीं किया जा सकता है। जमानत पर रिहा हो चुके पांच आरोपी भी पेशी पर कोर्ट के समक्ष पेश हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें