कासगंज। निजामपुर बारात प्रकरण में लगातार नए मोड़ आ रहे हैं। उच्च न्यायालय में दायर की गई बारात चढ़ाने की याचिका को खारिज कर दिया गया है। इस मामले में स्टेंडिंग कमशीन के माध्यम से जिला प्रशासन ने अपना पक्ष भी प्रस्तुत किया था। दलित युवक संजय ने हाईकोर्ट के निर्णय के बारे में बताया कि उसे निर्णय की जानकारी नहीं है।, लेकिन अब वह शादी लड़की के बालिग होने के बाद करेगा।
हाथरस के युवक संजय की शादी निजामपुर की शीतल से तय हुई है। यह शादी 20 अप्रेल को होनी थी। युवक दलित युवक संजय ने धूमधाम से शीतल के साथ शादी करने का निर्णय लिया। संजय ने फरवरी माह में जिला प्रशासन से पूरे गांव में बारात चढ़ाए जाने की अनुमति मांगी थी। लेकिन इलाका पुलिस ने इस मामले में कहा कि बारात चढ़ाने को अनुमति की आवश्यकता नहीं है।
गांव में जो परंपरा हैं उसके मुताबिक बारात चढ़ाई जा सकती है। ऐसी स्थिति में पूरे गांव में बारात चढ़ाने की अनुमति युवक को नहीं मिली। इस बात से दलित युवक लगातार मुख्यमंत्री, सपा व बसपा के नेताओं के अतिरिक्त अन्य संगठनों के नेताओं से संपर्क कर न्याय की बात करता रहा। प्रशासन ने बारात चढ़ाने के लिए दूसरा मार्ग भी सुझाया, लेकिन इस पर वह राजी नहीं हुआ।
उसकी जिद पूरे गांव में ही बारात चढ़ाने की बनी रही। ऐसी स्थिति में हाईकोर्ट की शरण लेते हुए याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने स्टेंडिंग काउंसिल से इस मामले में शासन प्रशासन का पक्ष देने के निर्देश दिए। स्टेंडिंग काउंसिल ने जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी। जिला प्रशासन ने यह रिपोर्ट भी पूर्व में ही काउंसिल को भेजी गई थी। इस मामले में एक शिकयतकर्ता ने लड़की की नाबालिग उम्र होने की शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों से की। जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम ने जांच की, जिसमें लड़की की उम्र बालिग होने से तीन माह कम पाई गई। अब युवक संजय का कहना है कि वह लड़की के बालिग होने पर शादी करेगा। हाईकोर्ट के निर्णय के संबंध में पूछे जाने पर उसने जानकारी न होने की बात कही।