शिकोहाबाद। पूर्व मुख्यमंत्री एवं सपा संरक्षक मुलायम सिंह के पैतृक गांव इटौली में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। अधिकारियों की उपेक्षा से अस्पताल परिसर जानवरों के बांधने से तबेला और ग्रामीणों के लिए शौचालय बन गया है। जबकि कर्मचारी आवास भूत बंगला बन चुके हैं। आवास के खिड़की और दरवाजे ग्रामीण उखाड़ कर ले जा चुके हैं। दवा के नाम पर अस्पताल में तैनात स्वास्थ्य कर्मी लूट मचा रहे हैं, लेकिन इस तरफ कोई अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा।
सपा सरकार बनने के बाद स्थानीय लोगों की मांग पर तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने गांव में स्वास्थ्य केंद्र और पशु अस्पताल का निर्माण करा कर डॉक्टर तैनात किए तो लोगों को सुविधाएं मिलने लगीं। लेकिन सपा सरकार जाने के बाद स्वास्थ्य केंद्र की बेकदरी हो गई। ग्रामीणों ने बाउंड्रीबाल तोड़ कर अस्पताल परिसर में पशु बांधने शुरू कर दिए।
अस्पताल परिसर में गंदगी का अंबार प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छता मिशन को पलीता लगा रहा है। दवा के नाम पर जनता से छलावा हो रहा है। गिनी चुनी दवाइयां ही हर बीमारी में दी जा रही हैं। आरोप है कि बोतल लगवाने के नाम पर 70 रुपये और इंजेक्शन पर 10 रुपये वसूले जा रहे हैं। इसके चलते ग्रामीण यहां उपचार कराने से डरते हैं और सीधे शिकोहाबाद के लिए रुख करते हैं।
अस्पताल परिसर में डॉक्टर और स्टाफ के परिवारों को पेयजल मुहैया कराने के लिए टंकी लगवाई गई थी। लेकिन टंकी शोपीस बन कर रह गई है। ग्रामीण पाइप निकाल ले गए। बच्चे अस्पताल परिसर में सुबह से गिल्ली डंडा खलते हैं। कर्मचारियों और डॉक्टरों के आवास असमाजिक तत्वों का अड्डा बन चुके हैं। कमरों में जानवरों की खाल पड़ी होने से बदबू फैल गई हे। अस्पताल परिसर की बाउंड्री टूटी पड़ी है। अस्पताल परिसर में खड़े पेड़ की छांव में मवेशी बैठते हैं।
सामुदायक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. विनीत यादव हैं। वर्तमान में फार्मासिस्ट अतुल कुमार, लैब सहायक ऋषिराज, सुपरवाइजर सोमेश कुमार, बार्ड बॉय निर्भय कुमार और चौकीदार राजीव कुमार तैनात हैं।