फिरोजाबाद। त्योहार नजदीक आने के साथ ही बाजार में नकली सामान का स्टाक पहुंच गया है। होली पर मिठाई और गुझिया के साथ दही, बड़े खिलाने का प्रचलन होता है। वहीं मिलावट मिठास में कड़वाहट घोल रही है। दुकानदार की तेजी की वजह से ग्राहक सामान चेक नहीं कर पाता। इसका फायदा दुकानदार खूब उठाते हैं।
लाल मिर्च में ईंट का बुरादा मिलाया जा रहा है। पैकिंग और गुणवत्ता के नाम पर ग्राहकों को ठगा जा रहा है। इसकी जांच के लिए दो ग्राम लाल मिर्च को टेस्ट ट्यूब में डालें और उसमें पांच ग्राम एसीटोन मिलाएं। अगर तुरंत लाल रंग दिखाई दे तो इसका मतलब बुरादा मिलाया गया है। पानी में मिलते ही बुरादा नीचे बैठ जाएगा।
हल्दी कई तरह के रोग में गुणकारी है। इसकी जांच करनी हो तो पानी में मिलाई हुई हल्दी का थोड़ा सा हिस्सा अलग कर लें। उसमें हाइड्रोक्लोरिक एसिड की कुछ बूंदें मिलाएं, अगर फौरन ही उसका रंग बैंगनी हो जाए तो समझ लें कि इसमें रंग मिलाया गया है।
काली मिर्च में पपीते के बीज मिलाए जाने की बात सभी जानते हैं लेकिन इसकी जांच करनी हो तो काली मिर्च के कुछ दाने अल्कोहल में मिलाएं। काली मिर्च नीचे बैठ जाएगी, पपीते के बीज और हल्की काली मिर्च उसके ऊपर आ जाएंगे।
चीनी में चॉक पाउडर की मिलावट की जाती है। इसकी जांच करने के लिए एक गिलास पानी में 10 ग्राम चीनी मिलाएं। उसे दो मिनट तक बिना हिलाए रख दें, अगर तली में कुछ सफेद पदार्थ आता है तो वह चॉक पाउडर है।
मुख्य खाद्य सुरक्षाधिकारी बीएस कुशवाह ने बताया कि कानून के तहत दोषी को कम से कम छह महीने की कैद और एक हजार रुपये का जुर्माना है। अगर किसी चीज के खाने से किसी की मौत हो जाती है तो कम से कम तीन साल की कैद से लेकर उम्रकैद तक की सजा भी हो सकती है। इसके साथ ही पांच हजार रुपये या उससे ज्यादा जुर्माना भी हो सकता है।
न्यूरो सर्जन डॉ. निमित गुप्ता का कहना है कि मिलावटी खाद्य पदार्थों का असर पेट के साथ शरीर के सभी अंगों पर पड़ता है। उदाहरण के तौर पर दिल का मरीज, मधुमेह रोगी, किडनी का मरीज सभी इससे प्रभावित होते हैं। त्योहार के दिन अति खानपान से बचना बेहतर रहता है।