मैनपुरी। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। जिले की कुछ पीएचसी पर तो डॉक्टर ही नहीं हैं। वहीं सीएचसी पर दो बजे के बाद ताले लटक जाते हैं। जिले भर में 186 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं, जबकि तैनाती सिर्फ 68 डॉक्टरों की है।
जनपद में करोड़ों रुपये की लागत से अस्पताल बनाकर तो खड़े कर दिए हैं, लेकिन इनमें काम करने वाले डॉक्टर न के बराबर हैं। जो डॉक्टर हैं वो ओवरलोड के चलते निर्धारित समय तक काम नहीं कर पा रहे हैं। जिले में 62 अस्पताल संचालित हो रहे हैं, लेकिन इनमें बड़ी संख्या में डॉक्टरों की कमी है। ग्रामीण अंचल में संचालित 59 अस्पतालों के लिए 84 डॉक्टरों की कमी चल रही है।
इसका कारण यह है कि जनपद के चार प्राथमिक और 46 नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भगवान भरोसे चल रहे हैं। यहां डॉक्टरों के कमी के कारण मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। जनपद के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 10 से चार बजे ही उपचार मिल रहा है। वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को 24 घंटे खोलने का निर्देश हैं, लेकिन यहां दो बजे के बाद केवल प्रसव का कार्य कराया जाता है।
सिर्फ चार सीएचसी पर इमरजेंसी की सुविधा
जनपद के नौ में से केवल चार सीएचसी पर ही 24 घंटे इमर्जेंसी सुविधा है। शेष पर ताला लटक जाता है।