एटा। पक्षियों और पर्यटकों की आमद के साथ पटना पक्षी विहार गुलजार है। विदेशी परिंदों के कलरव और पानी की कल-कल के बीच विदेशी परिंदों को देखने के लिए तमाम पर्यटक पहुंच रहे हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव से पर्यटक निराश हैं।
गुरुवार को राष्ट्रीय पर्यटन दिवस है। ऐसे में जिले के एकमात्र पर्यटन स्थल पटना पक्षी विहार में भी रौनक है। यूं तो पटना पक्षी विहार हजारों वर्ष पुराना है। जिले को पर्यटक स्थल के रूप में स्थापित करने के लिए सालों पहले ग्राम प्रधान नाहर सिंह, तत्कालीन ब्लाक प्रमुख रूपकिशोर गौतम के अथक प्रयासों और डीएम जैकब थॉमस का अहम योगदान है। इसके बाद डीएम मुकुल गोयल, उमेश सिन्हा, महेश गुप्ता और गौरव दयाल ने भी पक्षी विहार को गति देने का प्रयास किया, लेकिन पिछले तीन वर्षों से इस पर शासन और प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। इन दिनों पटना पक्षी विहार में खजूर के पेड़ों की विशाल झाड़ी पर्यटकों को लुभा रही है। वहीं विदेशी परिंदों की आमद पटना पक्षी विहार के आकर्षण को बढ़ा रही है। अब तक हजारों पक्षी यहां पहुंच गए हैं।
इच्छेश्वर महादेव की अद्वितीय प्रतिमा
पक्षी विहार के बीचोबीच बने इच्छेश्वर महादेव की प्रतिमा में मनोकामना पूर्ण करने की विशाल शक्ति है। प्रत्येक वर्ष हजारों श्रद्धालु यहां मनोकामना पूर्ण के लिये आते है। श्रद्धा का मुख्य आर्कषण श्रद्धा और भक्ति के साथ शिवलिंग बच्चों की गोद में आ जाती है। लेकिन दंभ और ताकत के वश वालों की गोद में नहीं आती है।
टूरिस्ट बंगले के निर्माण की आस
भारत सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा लाखों रूपये की लागत से तैयार टूरिस्ट बंगला 16 साल बाद भी प्रारंभ नहीं हो पाया। टूरिस्ट बंगले पर मौजूद कर्मचारी को विभाग द्वारा वेतन के रूप में कोई धनराशि भी नहीं दी जा रही है। टूरिस्ट बंगले की चार दीवारी जगह जगह से टूटने व गिरने लगी है। टूरिस्ट बंगला नहीं होने से पर्यटक यहां रुकना पसंद नहीं करते। ऐसे में पक्षी विहार को सरकार से आस है।