मथुरा। रिश्वत मांगने के आरोपों में घिरे दरोगा शिवमुनी की तबीयत बिगड़ गई है। जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं दरोगा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया है। छह जनवरी को मथुरा-कासगंज रेलमार्ग पर सिकंदराराऊ स्टेशन के निकट गेट नंबर 279 पर गैस से भरा कैप्सूल रेल लाइन की रैलिंग से टकरा गया था। घटना में रैलिंग टूट गई थी।
टैंकर चालक मौके से भाग गया था। आरपीएफ ने टैंकर को सीज कर दिया और उसे हाथरस सिटी चौकी ले आए। इस मामले की विवेचना हाथरस सिटी चौकी के एएसआई शिवमुनी कर रहे थे। आरोप है कि टैंकर छोड़ने की एवज में शिवमुनी ने रिश्वत मांगी। इसे लेकर बुधवार रात्रि को मथुरा कैंट स्टेशन पर रेलवे बोर्ड की विजिलेंस टीम ने छापा मारकर शिव मुनि को रिश्वत के आरोप में पकड़ा।
इसके बाद शिव मुनि की तबियत खराब हो गई। सीने में दर्द की शिकायत, बीपी और शुगर बढ़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं शिवमुनी का कहना है कि उन पर जो आरोप लगा है वह गलत है।