मथुरा। गोवर्धन-वृंदावन में अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के बाद विकास प्राधिकरण का बुलडोजर अब गोविंद नगर में चलेगा। यहां प्राधिकरण की जमीन पर हो रहे अतिक्रमण तोड़े जाएंगे। विप्रा उपाध्यक्ष ने इस संबंध में मातहतों को आदेश दिया।
करीब एक दशक से अधिक समय पूर्व गोविंद नगर स्थित विप्रा प्राधिकरण की करोड़ों रुपये की बेशकीमती जमीन को भूमाफिया ने बेच डाला था। विकास प्राधिकरण की इस जमीन पर वर्तमान में मकान और तमाम इमारतें बनी हुई हैं। जमीन के कुछ हिस्से पर माफिया कब्जा करने की फिराक में हैं। इन प्लाट की बाउंड्रीवाल करा रखी है।
विप्रा की उपाध्यक्ष के रूप में चार्ज लेने के बाद यशु रुस्तगी ने विप्रा की प्रापर्टी की लिस्ट की जानकारी ली, जिसमें गोविंद नगर और अहिल्यागंज कालोनी में प्राधिकरण की जमीनें मिलीं। चार दिन पूर्व विप्रा उपाध्यक्ष ने गोविंदनगर में मौके पर पहुंच विप्रा की जमीन को देखा तो वे दंग रह गईं। आधी से अधिक जमीन पर अतिक्रमण मिला। जिन जमीनों पर अवैध कब्जा कर इमारत खड़ी हैं उनके नक्शे भी तैयार नहीं कराए गए हैं।
प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने शनिवार को इन जमीनों से अतिक्रमण हटाकर कब्जा लेने के आदेश विप्रा अधिकारियों को दिए। प्राधिकरण द्वारा सबसे पहले खाली पड़ी जमीन पर अपना कब्जा किया जाएगा। उनकी फेंसिंग करा कर कब्जे में लिया जाएगा।