एमडीएम में धांधली, फल और दूध को तरस रहे बच्चे
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मारहरा। प्रदेश सरकार के कड़े निर्देशों के बाद भी एमडीएम में धांधली रूकने का नाम नहीं ले रही है। जिले के विद्यालयों में एमडीएम के नाम पर जमकर खेल चल रहा है। बुधवार को कस्बा के एक स्कूल में अमर उजाला टीम ने एमडीएम व्यवस्था की पड़ताल की, तो चौंकाने वाले हालात मिले। विद्यार्थियों को महीनों से दूध और फल नहीं बांटे गए हैं। मामले में प्रधानाचार्य ने कोई भी जानकारी होने से इनकार कर दिया। वहीं एमडीएम प्रभारी ने प्रधानाचार्य पर दारोमदार डालकर पल्ला झाड़ लिया।
कस्बा के आरएवी इंटर कालेज में एमडीएम के नाम पर विद्यार्थियों की सेहत से खिलवाड़ हो रहा है। बताया जाता है कालेज में चलने वाली छह से आठ तक की कक्षाओं में 600 विद्यार्थीं पंजीकृत हैं, लेकिन पिछले एक महीने से विद्यार्थियों को एमडीएम में दूध नहीं नसीब हो सका है। बुधवार को बच्चों को नमक के चावल दिए गए थे। वहीं सप्ताह में एक दिन मिलने वाले ताजे फल भी नहीं बांटे जाते हैं। जबकि विद्यालय के एमडीएम वितरण में दूध एवं फलों को दर्शाया जा रहा है। शिक्षकों के सामने विद्यार्थी दुष्यंत, रजनेश, बिजेंद्र, हर्ष, भगवान सिंह, कृष्णकांत, प्रवीन राघव ने बताया कि भरपेट रोटी और चावल तक नही दिए जाते। भोजन में आए दिन कीडे़ निकलते रहते हैं। डीआईओएस श्याम प्रकाश यादव का कहना है कि कालेज में मिलने वाली एमडीएम धांधली की जांच कराई जाएगी।
बोले एमडीएम प्रभारी और सह प्रभारी
एमडीएम प्रभारी हीरा सिंह और सह प्रभारी शैलेष कुमार का कहना है कि वह एमडीएम का वितरण प्रबंधक और प्रधानाचार्य के आदेश से करते हैं। कितना सही या कितना गलत है इस संबंध में उन्हीं से बात करें। वहीं प्रधानाचार्य प्रेमपाल सिंह एमडीएम के मीनू के बारे में भी नहीं बता सके। उन्होंने कब विद्यालय में चार्ज ग्रहण किया इस बारे में भी वह नहीं बता सके।