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लाखों का खेल शुल्क डकार गए विद्यालय संचालक

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खेल प्रतिभा का प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला
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एटा। छात्र-छात्राआें से शुल्क वसूल रहे विद्यालय जिला अंश जमा नहीं कर रहे हैँ। वित्तविहीन संस्थाएं ही नहीं राजकीय एवं एडिड विद्यालय भी इस मनमानी में पीछे नहंी हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि गत शिक्षा सत्र में 295 स्ववित्तपोषित, चार एडिड एवं छह राजकीय विद्यालयों ने शुल्क जमा नहीं किया है।
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जिले के माध्यमिक विद्यालय लाखों रुपए का खेल शुल्क दबाए बैठे हैं। छात्रों से शुल्क वसूली के बाद भी वे इसे जमा नहीं कर रहे। मंगलवार को आयोजित प्रधानाचार्यों की बैठक में खेल समिति के कोषाध्यक्ष डॉ सुधीर गुप्ता ने बताया कि गत शिक्षा सत्र में जिले के 242 संस्थाओं ने ही मात्र 43347 छात्रों का ही शुल्क अंश जमा किया है। जबकि जिले में संचालित 547 विद्यालयों में खेल शुल्क देने वाले विद्यार्थियों की संख्या एक लाख से भी अधिक है।

प्रधानाचार्य डॉ दिनेश वशिष्ठ ने संस्थाओं द्वारा शुल्क न दिए जाने पर निराशा जताते हुए कहा कि खेल आयोजनों के लिए सभी को आगे आना होगा। इसमें राजकीय, एडिड एवं वित्तविहीन का भेद नहीं होना चाहिए। स्पष्ट किया कि उनके समय में कोष में 21 लाख रुपए से अधिक का संग्रह था।
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प्रधानाचार्य परिषद के मंडलीय अध्यक्ष अभिलाख सिंह यादव ने कहा कि स्पष्ट आदेश के अभाव में वित्तविहीन संस्थाएं उदासीनता दिखा रहीं हैं, लेकिन इस बार जिले के सभी विद्यालयों से शुल्क देने का आग्रह किया जाएगा।

जिला विद्यालय निरीक्षक एसपी यादव ने कहा कि खेल शुल्क का जिला अंश सभी संस्थाओं से वसूला जाएगा। भव्य आयोजन के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। जिले की 547 संस्थाएं सहयोग के लिए तैयार हैं। यादव ने शुल्क समीक्षा के लिए एक समिति बनाने का निर्णय लिया, जो छात्र संख्या के अनुरूप जिला अंश जमा होने की मॉनीटरिंग करेगी। साथ ही शुल्क जमा न करने वाली संस्थाओं से भी शुल्क वसूली सुनिश्चित करेगी।
बैठक का संचालन मनोज कुमार तिवारी एवं अशोक कुमार यादव ने संयुक्त रूप से किया। उपस्थित लोगों में डॉ दिनेश वशिष्ठ, अभिलाख सिंह यादव, डॉ विनीता तिवारी, डॉ सुधीर गुप्ता, बृजभूषण सिंह, अनोखे सिंह, बिजेंद्र सिंह यादव, सचिन उपाध्याय, शमा रफीक, सीमा सिंह, नीतू सिंह आदि प्रमुख हैं।

किन संस्थाओं से कितना मिला शुल्क
12 राजकीय विद्यालय ने 2840 विद्यार्थियों का 28400 रुपए, 50 एडिड विद्यालयों ने 24442 विद्यार्थियों का दो लाख 44 हजार 420 रुपए एवं 180 स्ववित्तपोषित विद्यालयों ने 15065 छात्र-छात्राओं का एक लाख 50 हजार 650 रुपए का खेल अंश जमा किया है। बताते चलें कि जिले में 18 राजकीय, 54 एडिड एवं 475 स्ववित्तपोषित संस्थाएं संचालित हैं।
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