मैनपुरी। पिछले कई दिनों से आसमान में उमड़-घुमड़ रहे बादल आखिरकार सोमवार को झमाझम बरसे। शाम करीब चार बजे से शुरू हुई बारिश तीन घंटे तक जारी रही। इस दौरान कई बार बौछारें, तो कभी रिमझिम फुहारें पड़ती रहीं। देर शाम तक कभी रिमझिम तो कभी तेज बारिश होती रही।
जोरदार हुई बरसात से खेत-खलिहान, गली, सड़कें लबालब हो गईं। कई इलाकों में तो घर, दुकानों में भी पानी घुस गया। फिलहाल बारिश ने किसानों के चेहरे पर हंसी ला दी है। खेतों में लबालब पानी धान की फसलों के लिए विशेष फायदेमंद है।
पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी के बीच आसमान में बादल तो छा रहे थे, लेकिन रिमझिम फुहारों से ज्यादा नहीं बारिश हुई। इससे लोग परेशान रहे। पर, रक्षाबंधन के दिन सोमवार की शाम जमकर बारिश हुई। सुबह से आसमान में काले बादलों का जमावड़ा रहा। हालांकि बीच-बीच में धूप भी खिल जा रही थी।
इस आंख-मिचौनी के बीच शाम करीब चार बजे झमाझम बारिश शुरू हो गई, जो करीब सात बजे तक जारी रही। जोरदार बारिश होने से शहर से लेकर कस्बाई बाजारों में पानी ही पानी नजर आने लगा। खेत-खलिहान तालाब बन गए। चहुंओर पानी ही पानी के कारण करीब कुछ देर के लिए आवागमन भी ठप सा हो गया।
सड़कों पर पानी भर जाने के कारण लोगों को आवागमन में भी परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं कई दुकान, घरों में भी पानी घुस जाने से लोगों को नुकसान उठाना पड़ा।
हालांकि इस झमाझम बारिश से किसानों की सूख रही अगैती मक्का, पशुओं का चारा और सब्जियों की फसलें एक बार फिर लहलहाने लगेंगी। धान की नर्सरी को भी नया जीवनदान मिल गया है।
खेतों में पानी भर जाने से जहां वे किसान रोपाई कर सकेंगे, जिन्होंने अभी तक धान की रोपाई नहीं की है। वहीं रोपे गए धान की फसल के लिए तो यह बारिश अमृत से कम नहीं है। हालांकि खेतों में तैयार उरद, मूंग आदि दलहनी फसलों को इससे नुकसान भी हुआ है।
जहां बारिश के किसान के चेहरे खिल गए, वहीं निचले इलाकों में जलभराव से लोगों को परेशानी भी झेलनी पड़ी। नगर के मोहल्ला खरजगीत नगर में बने सड़क से नीचे मकानों में पानी घुस गया।
इससे लोग बाल्टी से पानी बाहर निकालते रहे। ऐसा ही हाल अवधनगर, पंजाबी कालोनी, बंशीगौरा, किला के पीछे, स्टेशन रोड आदि इलाकों में भी देखने को मिला। जलनिकासी की अव्यवस्था के कारण लोग परेशान रहे।