आगरा। शहर में मेट्रो ट्रेन चलाने की योजना सत्ता के बदलाव में कहीं खो गई थी लेकिन योगी सरकार ने अपने पहले बजट में ही इसे स्थान दिया है। प्रदेश सरकार ने अंश के रूप में करीब 10 करोड़ रुपये की राशि प्रावधान बजट में दी है। इससे उम्मीद जागी है कि अब मेट्रो का कार्य कुछ गति पकड़ेगा।
चुनावी वर्ष के चलते सपा सरकार में योजना पर तेजी से काम हुआ, उसके बाद रफ्तार धीमी हो थी। सूबे का निजाम बदल गया तो इस योजना के बारे में कोई बात भी नहीं कर रहा था। हालात यह थे कि जिस कंपनी ने आगरा में मेट्रो की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाई थी उसका भी भुगतान नहीं हो रहा था।
आगरा में वर्ष 2006-07 में मोनो और मेट्रो ट्रेन चलाने की योजना बनी थी लेकिन उस वक्त दोनों ही योजनाओं को फिजिवल नहीं पाया गया था। इसके बाद सपा सरकार में 2015 में काम शुरू हुआ। 30 जून 2016 को डीपीआर मुख्य सचिव के समक्ष प्रस्तुत की गई थी। अब जाकर योगी सरकार ने योजना को आगे बढ़ाने के लिए राशि दी है।
ये मेट्रो चलाने की योजना
आगरा मेट्रो रेल योजना में दो कारीडोर फाइनल किए गए हैं। पहला कारीडोर सिकंदरा से ताजमहल पूर्वी गेट तक है। इसकी लंबाई करीब 14 किलोमीटर है। दूसरा कारीडोर आगरा कैंट स्टेशन से कालिंदी विहार तक है। इसकी लंबाई करीब 16 किलोमीटर है। इस तरह दोनों कारीडोर की लंबाई 30 किलोमीटर है।
पहले कारीडोर में कुल 07 एलेवेटेड और 08 अंडरग्राउंड स्टेशन प्रस्तावित हैं। दूसरे कारीडोर में 15 एलेवेटेड स्टेशन का प्रस्ताव किया गया है। पहले कारीडोर में एलेवेटेड ट्रैक करीब 07 किलोमीटर बनाया जाएगा और अंडरग्राउंड ट्रैक करीब 7.6 किलोमीटर प्रस्तावित है। दूसरी कारीडोर में 16 किलोमीटर एलेवेटेड ट्रैक बनाने का प्रस्ताव किया गया है।
02 कारीडोर हुए शहर में हैं फाइनल
22 एलेवेटिड स्टेशन बनाए जाएंगे
08 भूमिगत स्टेशनों को होगा निर्माण
22.4 किमी एलेवेटिड ट्रैक बनेगा
7.6 किमी बनेगा अंडरग्राउंड ट्रैक