अगर आपका दुधारू पशु दूध देना छोड़ जाए या फिर घोड़ा, खच्चर की टांग टूट जाए तो आपको को घबराने की जरूरत नहीं है। उस सभी का पैसा पशु पालक को दिया जाएगा। बस आपको केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना के तहत पशुुओं का बीमा कराना होगा। इसका किसानों का लाभ भी मिल रहा है।
केंद्र सरकार द्वारा इंश्योरेंस लिमिटेड के तहत बीमा विचारे हमें पुकारे योजना की शुरुआत की है। योजना के तहत एक यूनिट जिसमें बड़े जानवर (भैंस, गाय, घोड़ा) या फिर दस बकरी का बीमा कराना होगा। पीडीटी सहित बीमा होने के बाद अगर दुधारू पशु दूध देना छोड़ जाता है तो आपको उसका पूरा पैसा मिलेगा। गाय की कीमत बीमा के हिसाब दी जाएगी तो भैंस की कीमत स्लॉटर के हिसाब से दी जाएगी। योजना के तहत साठ हजार रुपये तक का बीमा करा सकते है। बता दें कि अभी तक पशुओं की मौत पर ही बीमा का लाभ मिलता था।
नाम-मात्र की देनी होगी धनराशि
कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार पशुपालक अगर दस हजार रुपये का बीमा करता है तो उसकी वैल्यू किस्त 298 रुपये होगी जिसमें से 224 रुपये केन्द्र सरकार देगी तो वही पशुपालक को 75 रुपये देने होंगे।
पशु पालकों के लिए फायदेमंद स्कीम
एटा। प्रचार-प्रसार अधिकारी शीतलपुर डा. विकेंद्र सिंह बताते है कि बीमा योजना किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। जलेसर की बात की जाए तो पचास किसानों ने बीमा कराया वही अन्य ब्लाकों में भी किसान बीमा करा रहे है।
यहां भी आधार हो गया जरूरी
एटा। कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिस पशुपालक के पास आधार कार्ड होगा तभी पशुपालक को बीमा का लाभ मिल सकेगा। आधार कार्ड न होने पर पशुओं का बीमा नहीं हो सकेगा।