अकबर का मकबरा सिकंदरा में मंगलवार की रात दुर्लभ काले हिरन की मौत हो गई। वन विभाग ने पशु चिकित्सा विभाग के साथ हिरन का पोस्टमार्टम कराया, जिसमें उसकी मौत की वजह पेट में गैस बनना बताया गया है। 14 साल का यह हिरन कुछ दिनों से चलने में अक्षम था। सियार के शिकार से मौत की चर्चाओं के चलते वन विभाग में हड़कंप मच गया था, जिसके बाद उसका पोस्टमार्टम कराया गया।
बुधवार सुबह अकबर का मकबरा सिकंदरा स्मारक में 14 साल के दुर्लभ काले हिरन (ब्लैक बक) का शव मिला। इससे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की उद्यान शाखा के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। दरअसल, स्मारक में सियार इन काले हिरनों का शिकार करके मारते रहे हैं। उद्यान शाखा के अधिकारियों ने वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग को हिरन की मौत की सूचना दी, जिसके बाद डॉ. सीमा यादव और डॉ. पुष्पा यादव ने उसका पोस्टमार्टम किया।
चिकित्सकों के मुताबिक हिरन का पिछला बायां पैर 15 दिन पहले कांटा लगने से जख्मी हो गया था। 12 अक्तूबर और उससे पहले दो बार वाइल्डलाइफ एसओएस के चिकित्सकों द्वारा इलाज किया गया था, लेकिन उसकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक काले हिरन के पेट में गैस बनने से सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी, जिससे उसकी मौत हुई है।