भरतपुर के गांव शक्करपुर, रुपबास के गांव के एक व्यक्ति से उसके दो बेटों को नौकरी दिलाने के नाम पर 14 लाख रुपये ठग लिए गए। पीड़ित राम अवतार की तहरीर पर आगरा के किरावली थाने में 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि वह कांट्रैक्ट सप्लाई का काम करता है। उनके दो बेटों गोविंद और सूरज ने ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर ली है। आरोप है कि फरवरी 2020 में उसकी मुलाकात गांव रायभा, अछनेरा निवासी दयानंद से हुई। बातचीत के दौरान उसने अछनेरा के गांव मंगूर्रा निवासी बृजराज से मुलाकात कराई और कहा कि ये सचिवालय दिल्ली में उच्च पद पर तैनात हैं। दोनों बेटों की सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया।
दयानंद ने पीड़ित को विश्वास में लेकर 14 लाख रुपये प्रमोद और प्रमोद की पत्नी निवासी ग्राम फतेहपुर थाना रानीपुर, सुरेंद्र श्रीवास्तव एवं उसकी पत्नी मां को दिए। इन लोगों ने फर्जी नियुक्तिपत्र उत्तर प्रदेश मेट्रो कारपोरेशन का थमा दिया। पीड़ित लखनऊ गया तो वहां पर नियुक्ति नहीं हुई। लौटकर शिकायत करने पर बताया कि कुछ परेशानी के कारण नौकरी नहीं लग पाई है।
बाद में एफसीआई का नियुक्तिपत्र दे दिया यह भी फर्जी था। थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने दयानंद, बृजराज, बृजराज का भाई फौजी, प्रमोद, प्रमोद की पत्नी, आलोक श्रीवास्तव,चिरूआराम, प्रमोद की मां, सुरेंद्र श्रीवास्तव, सुरेंद्र की पत्नी समेत 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।