गांव उंटगिरी के प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल में बुधवार सुबह 10:30 बजे मिड डे मील का दूध पीते ही 139 बच्चों को उल्टी-दस्त लग गए। इनमें 32 को उल्टी में खून आने पर आगरा रेफर किया गया। फूड प्वाइजनिंग की वजह दूध का सिंथेटिक होना मानी जा रही है। दूधिया गांव से फरार हो गया है। पुलिस अध्यापकों से पूछताछ कर रही है। उधर, अफसरों के आने के बाद भी बीमार बच्चों को ठीक से उपचार न मिलने पर अभिभावकों ने स्कूल में नारेबाजी की।
दोनों स्कूल के बच्चों को एक ही मैदान में बैठाकर दूध बांटा गया। सबसे पहले सुमित को उल्टियां हुई। इसके बाद बाकी बच्चे पेट में दर्द से चिल्लाते हुए उल्टी करने लगे। कई बच्चों की उल्टी में खून आने पर शिक्षकों के होश उड़ गए।
बच्चों को पुलिस जीप, एंबुलेंस और ट्रैक्टर ट्रॉलियों से सीएचसी खेरागढ़ पहुंचाया गया। डीएम पंकज कुमार और एसएसपी डाक्टर प्रीतिंदर सिंह के पहुंचने पर खून की उल्टी करने वाले 32 बच्चे जिला अस्पताल आगरा और एसएन मेडिकल कालेज रेफर किए गए। खाद्य निरीक्षक भगवत सिंह ने दूध के सैंपल लिए। रिपोर्ट तीन दिन में आएगी। सांसद बाबूलाल, विधायक भगवान सिंह कुशवाहा और सपा जिलाध्यक्ष राम सहाय यादव बीमार बच्चों का हाल जानने पहुंचे।
भारी पड़ा 400 रुपये का लालच
ग्राम प्रधान होलीराम ने बताया कि पहले 40 रुपये लीटर की दर से 19 लीटर दूध ( कुल 760 रुपये का) लिया जा रहा था, लेकिन बुधवार को ब्रजेश नाम के दूधिया से 30 रुपये लीटर की दर से सिर्फ 12 लीटर दूध (360 रुपये का) लिया गया। शिक्षकों ने 400 रुपये के लालच में बच्चों की जिंदगी खतरे में डाल दी। हालांकि जूनियर हाईस्कूल के हेडमास्टर जगन सिंह और प्राइमरी के प्रभात कुमार का कहना है कि दूध 19 लीटर ही लिया गया था। दूध में कोई खराबी भी नहीं थी।