मथुरा। बुधवार की शाम को हुई बारिश से मंडी समिति और केंद्रों पर खुले में रखा गेहूं भीग गया। इससे भारी नुकसान माना जा रहा है। गोवर्धन की राया की उपमंडी में सबसे ज्यादा नुकसान बताया जा रहा है। वहीं कई जगह खरीद केंद्रों पर बोरियां भीग गईं हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद भी प्रशासन की नींद नहीं टूटी। अगर गेहूं को सुरक्षित रख लिया होता तो यह स्थिति न होती। मथुरा जिले में 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद की जा रही है। जिलेभर में क्रय केंद्र खोल लिए गए हैं। हालांकि अभी गेहूं की आवक कम है लेकिन जितना भी गेहूं पहुंच रहा है प्रशासन उसे भी सुरक्षित नहीं रख पा रहा है।
बुधवार की शाम को जब बारिश हुई तो खुले में रखा गेहूं भीग गया। गोवर्धन की उपमंडी में सैकड़ों बोरे गेहूं रखा हुआ था। बारिश में सारा गेहूं भीग गया है। इस गेहूं को भी अधिकारी कहीं सुरक्षित स्थान पर नहीं रखवा सके थे। जबकि लगातार कहा जा रहा था कि मौसम बिगड़ सकता है। तेज बारिश के साथ तूफान आएगा।
राया की उपमंडी में रखा गेहूं भी बारिश का पानी भरने से भीग गया है। यह स्थिति केवल एक दो जगह की नहीं बल्कि खरीद केंद्रों पर जहां भी गेहूं रखा हुआ था वह भीग गया है। कुछ जगह तो बिक्री के लिए किसान गेहूं लेकर पहुंचे थे लेकिन गेहूं तौला नहीं जा सका था।
उन किसानों का गेहूं भी भीग गया है। डीएम सर्वज्ञराम मिश्र ने बताया कि अधिकांश जगह पर गेहूं की बोरियों को गोदामों में रखवा दिया गया था। एक दो जगह जहां खुले में रह गया था उसे भी सुरक्षित रखवाया जा रहा है।