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मंच नहीं मिला तो भड़की महिलाएं, लगाया जाम

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मंच नहीं मिला तो भड़की महिलाएं, लगाया जाम
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एटा। महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम में महिलाओं को मंच पर जगह न मिलने पर महिलाएं भड़क गईं। प्रशासन द्वारा की गई अपेक्षा से गुस्साई महिलाओं ने कार्यक्रम का बहिष्कार कर हाईवे जाम कर दिया। करीब पौने घंटेे तक महिलाएं रोड जाम कर बैठी रही। जाम की सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने बड़ी मशक्कत के बाद जाम खुलवाया।
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दरअसल, मंगलवार को जिला प्रशासन और महिला कल्याण विभाग ने जिला पंचायत में नारी सशक्तिकरण कार्यक्रम का आयोजन किया था। इसमें महिलाओं को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भाषण सुनाया जाना था। कार्यक्रम में डीएम, सीडीओ समेत तमाम प्रशासनिक अफसर पहुंचे थे। कार्यक्रम शुरू होते ही मंच पर डीएम आईपी पांडेय, भाजपा जिलाध्यक्ष डा. दिनेश वशिष्ठ समेत तमाम अफसरों को मुख्य अतिथि के रूप में बैठाया गया। इसे लेकर महिलाओं में आक्रोश व्याप्त हो गया। कार्यक्रम में पहुंची भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष शुभ्रा सिंह समेत तमाम पदाधिकारियों और महिलाओं ने मंच पर किसी भी महिला अधिकारी और जनप्रतिनिधि को जगह नहीं देने पर आक्रोश जताया। महिलाओं ने विरोध करते हुए कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया और बाहर निकल आईं। इसके बाद आक्रोशित महिलाओं ने राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। महिलाओं ने मार्ग को दोनों ओर जाम करते हुए जमकर प्रदर्शन किया। साथ ही प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महिलाओं के विरोध को देख प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। जाम की सूचना मिलते ही ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और एसडीएम महेंद्र सिंह तंवर मौके पर पहुंचे। उन्होंने महिलाओं को समझाबुझाकर शांत कराकर जाम खुलवाया। इस दौरान मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
योजनाओं की दी जानी थी जानकारी
महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को सरकार द्वारा चलाई जा रहीं महिला सशक्तिकरण योजनाओं की जानकारी दी जानी थी। साथ ही महिलाओं को अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाना था। मगर महिलाओं की ही उपेक्षा कर दी गई।
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प्रदेश नेतृत्व से की गई शिकायत
कार्यक्रम में महिलाओं की उपेक्षा किए जाने की शिकायत महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष शुभ्रा सिंह ने प्रदेश नेतृत्व से की है। उन्होंने मामले में आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
प्रदेश के मंच पर बैठी थी महिलाएं
लखनऊ में कार्यक्रम में जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वीडियो कांफ्रेंसिंग से संबोधन दे रहे थे, तो प्रदेश के मंच पर महिलाएं बैठी थीं। मगर जिले के कार्यक्रम में उपेक्षा पर महिलाएं भड़क गईं।
इनका कहना है
जिले में प्रशासन को कोई भी ऐसी महिला नहीं मिली, तो महिलाओं का नेतृत्व कर सके। प्रशासन किसी महिला अधिकारी को ही मंच पर जगह देता, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। यह महिलाओं का अपमान है। इसकी शिकायत प्रदेश नेतृत्व से की गई है।
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शुभ्रा सिंह, जिलाध्यक्ष, भाजपा महिला मोर्चा
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