मथुरा। सेना में भर्ती होने पहुंचे युवकों के पास बड़ी संख्या में मुहरें भी मिली हैं। ग्राम प्रधान, सचिव और चिकित्साधिकारियों के नाम की इन मुहर का प्रयोग प्रमाण पत्रों के सत्यापन में किया जा रहा था। वहीं बीस से भी अधिक युवकों की मार्कशीट को संदिग्ध मानते हुए जांच के लिए रख लिया गया है। सोमवार को अलीगढ़ जनपद की खैर तहसील के युवक पहुंचे थे।
ईगल ग्राउंड पर आयोजित सेना भर्ती मेला के पांचवें दिन अलीगढ़ जनपद की खैर तहसील के अभ्यर्थियों ने दौड़ लगाई थी। इसमें शामिल होने के लिए 4477 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था, लेकिन करीब 35 सौ ही दौड़ लगाने के लिए सोमवार को ईगल ग्राउंड पहुंचे। इसमें से भी सिर्फ 250 अभ्यर्थी ही निर्धारित समय अवधि में दौड़ पूरी कर सके।
उधर, इस दौरान सेना के जवानों ने चेकिंग के दौरान बड़ी संख्या में दवाएं और इंजेक्शन पकड़े हैं। इसके अलावा पांच दिन की इस भर्ती प्रक्रिया में पहली बार विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों की मुहरें भी मिली हैं। सेना के अफसर संभावना जता रहे हैं कि इनका उपयोग मूल निवास, जाति, निवास और चरित्र प्रमाण बनाने के लिए किया जाता होगा। इसके अलावा विभिन्न प्रमाण पत्रों की फोटो प्रति को सत्यापित करने के लिए भी इन फर्जी मुहरों को उपयोग में जाया जाता होगा। इसके अलावा संदिग्ध शैक्षिक प्रमाण पत्र भी बरामद किए गए हैं।