फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कर्ज से परेशान किसान की हृदय गति रुकने से मौत

विज्ञापन
विज्ञापन
मैनपुरी। अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुमंत गुप्ता ने व्यापारियों की बढ़ रहीं समस्याओं पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि खुदरा व्यापार प्रभावित हो रहा है। सरकार को अपने नए कानूनों में संशोधन करने की जरूरत है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जीएसटी से व्यापारियों का शोषण किया जा रहा है। इसमें जुर्माना के साथ सजा की व्यवस्था है। वाणिज्य कर विभाग में पंजीकृत व्यापारी की बीमा राशि 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख की जाए।
विज्ञापन


व्यापारी वृद्धावस्था पेंशन की व्यवस्था की जाए। वैश्य समाज को आर्थिक आधार पर आरक्षण की व्यवस्था की जाए। फूड एंड सेफ्टी स्टैंडर्ड एक्ट रूल एंड रेगुलेशन के अंतर्गत उत्पाद बेचने वाले रिटेलर व निर्माता सभी को पार्टी बनाकर खाद्य विभाग के अधिकारी केस दर्ज करते हैं। मांग है कि निर्माता को ही जिम्मेदार मानकर कार्रवाई की जाए। संशोधित एससी-एसटी एक्ट में एफआईआर होने पर बिना जांच किए गिरफ्तारी नहीं की जानी चाहिए। ऑनलाइन रिटेल व्यापार को नियंत्रित किया जाना चाहिए। ई-कॉमर्स पर नीति बने तथा नियामक गठित हो।

उन्होंने बताया कि 30 सितंबर को आगरा के लोहा मंडी स्थित अग्रसेन भवन में राष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन होगा। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन के साथ ही वर्तमान में व्यापारियों के सामने आने वाली ज्वलंत समस्याओं पर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि नए कानूनों के नाम पर व्यापारियों का जो शोषण किया जा रहा है वह बंद किया जाए। वार्ता के दौरान सुरेश चंद्र बंसल, अरुण गुप्ता, केके गुप्ता, राजेश गुप्ता, हर्ष गुप्ता, आदित्य जैन, सब्बन बाबा, अशोक गुप्ता आदि लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें