मैनपुरी। मोहर्रम का महीना 12 सितंबर से शुरू होकर 22 सितंबर तक चलेगा। इसमें अलमों का जुलूस आगरा रोड स्थित इमामबाड़े से शाम छह बजे से शुरू होकर देर रात इमामबाड़े पहुंचेगा। यह सिलसिला बुधवार से 10 दिनों तक चलेगा। इमाम हुसैन से जुड़ी यादों की तकरीर और जलसे के माध्यम से जानकारी दी जाएगी।
मोहर्रम को लेकर ताजिया बनाने का काम तेजी से चल रहा है। नगर में खानकाहे महमूदिया, जुलापुरी, गोलाबाजार, भरतवाल, किला के पीछे, मदार दरवाजा, गोला बाजार में ताजिया बनाए जा रहे हैं। ताजिएदार मोहम्मद अली ने बताया इस बार बेहद आकर्षक ताजिए बनाए जा रहे हैं। बारिश को देखते हुए ताजियों को नया रूप दिया जा रहा है। जिला प्रशासन मोहर्रम कमेटी के साथ बैठक करके व्यवस्थाओं पर चर्चा करने के बाद रणनीति बना चुका है। एसडीएम सदर अशोक कुमार ने नगर पालिका प्रशासन को इमाम चौक सहित अलम और ताजिया निकलने वाले मार्गों पर नियमित रूप से साफ सफाई कराने के निर्देश दिए हैं।
ताजियों का जुलूस 19 सितंबर को
मेहंदी का जुलूस 19 सितंबर को निकाला जाएगा। शाम सात बजे बड़े चौराहे से शुरू होकर निर्धारित मार्ग से होते हुए इमामबाड़े पहुंचेगा। 20 सितंबर को ताजियों का जुलूस निकलेगा। बड़े चौराहे पर रात दस बजे से सुबह चार बजे तक अखाड़ा होगा। इमाम चौक से ताजिए इमामबाड़ा आगरा रोड पर सलामी देकर बड़े चौराहे पर पहुंचेंगे। सुबह चार बजे सभी ताजिये अपने इमाम चौक वापस होंगे।
ताजियों का जुलूस 21 को
मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद आजम खां ने बताया 21 सितंबर को ताजियों का जुलूस शाम चार बजे बड़े चौराहे से शुरू होकर किले के पीछे दरगाह पर सलामी देकर करबला पहुंचेगा। जहां ताजिए सुपुर्द-ए-खाक किए जाएंगे। बड़ा चौराहा, देवी गेट पुलिस चौकी, कटरा, मदारगेट पर अखाड़ा भी होगा।
प्याले का जुलूस 23 सितंबर को
प्याले का जुलूस 23 सितंबर को शाम छह बजे इमामबाड़ा आगरा रोड से शुरू होकर तय शुदा मार्ग से होकर करबला शरीफ पहुंचेगा। वहां प्याला के जुलूस को सुपुर्द-एघ्- खाक किया जाएगा।