किशनी। तहसील क्षेत्र के गांव कुम्हौल में कम होने की बजाय जलस्तर दो इंच और बढ़ गया है। अनहोनी की आशंका से ग्रामीण दहशत में हैं। शुक्रवार को एसडीएम के निर्देश पर गांव पहुंचे तहसीलदार ने ग्रामीणों को सजग रहने की सलाह दी। लेखपाल को गांव में ही कैंप करके हालात पर नजर रखने को कहा है।
शुक्रवार को एसडीएम अशोक प्रताप के निर्देश पर तहसीलदार सुनील कुमार राजस्व कर्मियों के साथ कुम्हौल पहुंचे। अरिंद नदी से गांव में हुए जलभराव को उन्होंने एक मकान की छत पर चढ़कर देखा। ग्रामीणों ने बताया कि गुरुवार को एक मकान पर जलभराव की पहचान के लिए निशान लगाया गया था, जो शुक्रवार को दो इंच बढ़ गया है।
24 घंटे में ही जलस्तर दो इंच बढ़ गया है। तहसीलदार ने जलभराव के निकट के मकानों में रहने वालों को हर समय सजग रहने को कहा। ग्रामीणों ने तहसीलदार को बताया जब भी अच्छी बरसात होती है उस वर्ष अरिंद नदी में बाढ़ आ जाती है। जलभराव होने से गांव के मुख्य मार्ग का किशनी, सौरिख, रामनगर से संपर्क टूट जाता है। ग्रामीणों के अनुसार मुख्य मार्ग को अगर एक मीटर ऊंचा कर दिया जाए तो समस्या समाप्त हो जाएगी।
कुम्हौल में 14 सितंबर से बाबा शेगनाथ मेला लगना है। सबसे ज्यादा परेशानी बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को होगी। किसानों की हजारों बीघा धान की रोपाई की फसल बर्बाद हो ही चुकी है। तहसीलदार ने कहा कि पानी समाप्त होते ही उच्चाधिकारियों से मिलकर मार्ग को ऊंचा करवाया जाएगा।
कुम्हौल में जलभराव वाले स्थान के ऊपर से एचटी लाइन गुजर रही है। इसमें नीचे की तरफ जाल भी नहीं लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के लोग जलभराव से होकर ही निकलते हैं। अगर एचटी लाइन का तार टूट गया तो हादसा हो सकता है। सुरक्षा के लिए एचटी लाइन के नीचे जाल लगवाया जाए।