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शहर में आया गंगाजल, सीडब्ल्यूआर में छोड़ा पानी

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फिरोजाबाद। शहर को गंगाजल मुहैया कराने की कोशिश गुरुवार को रंग लाई। सैलई पर बनाए गए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से पानी पेयजल टंकियों के लिए छोड़ा गया। अब तक पेयजल किल्लत से जूझ रहे शहरवासियों के लिए यह दिन बड़ी उपलब्धि वाला रहा। जल निगम ने प्रारंभिक परीक्षण किया है, लिहाजा पानी पहले टंकियों पर बने सीडब्ल्यूआर तक छोड़ा गया।
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16 मार्च, 2013 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शहर को गंगाजल देने के लिए जेड़ाझाल परियोजना की आधारशिला रखी थी। वहीं सदर विधायक मनीष असीजा ने जलनिगम, सिंचाई विभाग और विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ कई बार साझा बैठक कर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से सप्लाई में आ रही अड़चनों को दूर कराया और लगातार विभागों पर दबाव बनाए रहे।

पिछले दिनों जेड़ाझाल नहर का पानी नंदपुर इंटेक प्लांट से होते हुए सैलई में तैयार कराए गए 120 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंच गया था। 15 अगस्त से पहले सिंचाई विभाग ने नहर की सफाई करने के कारण पानी रोक दिया था। 15 अगस्त के बाद फिर से परीक्षण शुरू किया। गुरुवार को पहली बार जेड़ाझाल परियोजना का पानी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से शहर की टंकियों के सीडब्ल्यूआर तक छोड़ा गया। रामलीला, सैलई, विभव नगर, नगला बरी, हिमांयुपुर, आगरा गेट आदि जलाशायों तक पानी पहुंच गया।
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प्रथम चरण में शहर के 25 सीडब्लूआर से लोगों को मीठा पानी मिलेगा। इसमें 11 पुराने और 14 नए सीडब्लूआर शामिल हैं। पुराने सीडब्लूआर में सैलई, सती आश्रम, आसफाबाद, विभव नगर, टापाकलां मायापुरी, आगरा गेट, महावीर नगर, रामलीला, नगला बरी, सुहाग नगर व रसूलपुर शामिल हैं। जलनिगम द्वारा तैयार गए नए सीडब्लूआर में खेड़ा गनेशपुर, दीदामई, श्रीराम कालोनी, टापाखुर्द, आसफाबाद, सुरेश नगर रहना, गणेशपुर, हिमायूंपुर नगला पचिया, रसूलपुर, आगरा गेट, सुहाग नगर, रामलीला ग्राउंड, नगला बरी।
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