मथुरा। ताजेवाला बांध से छोड़ा गया यमुना का पानी धीरे-धीरे उछाल ले रहा है लेकिन खतरे के निशान से काफी नीचे है। बढ़ते जल स्तर को देखते हुए यमुना किनारे रहने वालेे लोग विचलित होने लगे हैं। उधर, खतरे को भांपते हुए गोकुल बैराज से यमुना जल छोड़ने की स्पीड भी बढ़ा दी गई है।
26 जुलाई को यमुना में सबसे अधिक पानी 1.38 लाख क्यूसेक ताजेवाला बांध से छोड़ा गया था। इस पानी के 29 जुलाई की मध्य रात्रि तक मथुरा पहुंचने की संभावना है। जबकि ताजेवाला बांध से 3.11 लाख क्यूसेक अतिरिक्त जल भी छोड़ा गया। रविवार को प्रयाग घाट पर शाम पांच बजे 164.94 मीटर जलस्तर मापा गया।
जबकि यह जलस्तर शनिवार को 164.58 मीटर था। बढ़े हुए जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने गोकुल बैराज से यमुना जल छोड़ने की गति तेज कर दी है। अब बैराज से 23379 क्यूसेक जल छोड़ा जा रहा है। जबकि रविवार का आगरा के लिए बैराज से 17111 क्यूसेक यमुना जल छोड़ा जा रहा था। उधर प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वालों को पहले ही अलर्ट जारी कर दिया है। डीएम वित्त रवींद्र कुमार ने सभी एसडीएम को सतर्क कर दिया। उन्होंने बताया कि यमुना के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।
यमुना का चेतावनी लेवल-165.20 मीटर
यमुना में खतरे का निशान-166.00 मीटर
मथुरा में अधिकतम जल स्तर-169.73 मीटर वर्ष 1978
रविवार को यमुना का जल स्तर
शाम चार बजे ताजेवाला बांध- 115947 क्यूसेक
शाम चार बजे ओखला बांध 58 982 क्यूसेक
शाम 7 बजे मथुरा प्रयागघाट-164.94 मीटर
आगरा के लिए डिस्जार्ज 23379 क्यूसिक डिस्जार्ज