वैल्युअर के साथ खाताधारकों की मिलीभगत सामने आई
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कासगंज। सिढ़पुरा की केनरा बैंक के गोल्ड लोन खातों में घोटाले की जांच तेज कर दी गई है। डीएम के निर्देश पर लीड बैंक प्रबंधक महेश प्रकाश ने शुक्रवार को सिढ़पुरा पहुंचकर बैंक में पूरे मामले की जानकारी की। लीड बैंक प्रबंधक ने बताया कि मामले में बैंक के वैल्युअर राहुल देव वर्मा के साथ खाताधारक शामिल हैं। पूर्व में तैनात बैंक प्रबंधक की संलिप्तता के बारे में अभी कुछ स्पष्ट नहीं है। हालांकि इस इस बिंदु पर भी जांच की जाएगी।
गोल्ड लोन घोटाले के मामले में बैंक के 162 गोल्ड लोन खातों में से अब तक 17 खातों में नकली सोने के जेवर मिले हैं। 131 खातों की जांच अभी शेष है। शुक्रवार को पहुंची जांच टीम ने बैंक पहुंचकर अन्य खातों की जांच की। लीड बैंक प्रबंधक ने बताया कि जिन खातों में नकली सोने के जेवरात निकले हैं, वे खाताधारक वैल्युअर के परिवार के लोग, रिश्तेदार और खास परिचित हैं। सभी के ऋण संबंधी प्रपत्र बैंक नियमों के अनुसार पूरे हैं। बताया गया कि खाताधारकों से मिलीभगत कर वैैल्युअर राहुल देव ने नकली सोने की गुणवत्ता को सही बताया और धोखाधड़ी बैंक खाताधारकों की मिलीभगत से ही हुई। उन्होंने बताया कि वैल्युअर का भाई, जो ऋण के मामले में पुलिस को शिकायत कर रहा था, ने भी अपने गोल्ड लोन का पैसा बैंक में जमा किया है। इसी तरह से कुछ अन्य लोग भी धन जमा करने का प्रस्ताव बैंक को दे रहे हैं। लीड बैंक प्रबंधक ने गोल्ड लोन के कई बैंक के खाताधारकों से बातचीत कर राहुल देव ने किस तरह से गोल्ड लोन पास कराया जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पूरी जांच निष्पक्ष तरीके से होगी। दोषी को चिह्नित किया जाएगा।
बैंक में रखा गोल्ड रेंडम चैक होता है
कासगंज। बैंक के ऑडिटर बैंकों में ऋण के खिलाफ रखे गोल्ड की जांच पड़ताल रेंडम आधर पर करते हैं। बैंक में होने वाले खातों में से 10 प्रतिशत खातों की जांच की जाती है। गोल्ड लोन एकाउंट सोने का परीक्षण खाताधारक की मौजूदगी में किया जाता है। लीड बैंक प्रबंधक महेश प्रकाश ने बताया कि इसी तरह से किए गए परीक्षण में यह मामला सामने आया।