चंदन हत्याकांड में आरोपी मुनाजिर एवं उसके भाई आमिर को जमानत अर्जी खारिज होने पर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। अब जिला जज न्यायालय में 4 जुलाई को जमानत अर्जी पर सुनवाई की जाएगी।
कासगंज हिंसा में तोड़फोड़, फायरिंग, उपद्रव आदि की धाराओं से जुड़े अपराध संख्या 59 में आरोपी मुनाजिर एवं उसका भाई आमिर दोनों ही न्यायालय से अंतरिम जमानत पर थे। अंतरिम जमानत के इस प्रार्थना पत्र पर गुरुवार को फिर सुनवाई हुई और अंतरिम जमानत स्वीकार की गई। वहीं अपराध संख्या 60 चंदन हत्याकांड में एक आरोपी मुनाजिर की ओर से अंतरिम जमानत का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया जिसे जिला जज ओपी त्रिपाठी के न्यायालय ने खारिज कर दिया। वहीं इसी मामले में दायर की गई जमानत अर्जी पर सुनवाई 4 जुलाई को होगी।
इससे पूर्व अपराध संख्या 60 में वांछित चल रहे आरोपी मुनाजिर और उसके भाई आमिर ने सीजेएम भरत सिंह यादव के न्यायालय में सरेंडर किया। न्यायालय में जमानत अर्जी भी दायर की गई। इस जमानत अर्जी को सीजेएम ने खारिज कर दिया और आरोपियों को न्यायिक हिरासत में लेने के निर्देश दिए। न्यायालय में अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव सिंह यदुवंशी, अनिल कुमार यादव एवं अनूप कुमार वर्मा ने आरोपियों को जेल भेजे जाने एवं जमानत अर्जी खारिज करने पर काफी बहस की। चंदन की हत्या के मामले की पैरवी कर रहीं अधिवक्ता मोहिनी सिंह तोमर ने भी बहस की।
इस मामले को लेकर न्यायालय में गुरुवार को काफी गहमा गहमी थी। न्यायालय के बाहर पुलिस अधीक्षक ने क्यूआरटी दस्ते को भी तैनात किया था। न्यायालय से दोनों ही आरोपियों को कड़ी पुलिस अभिरक्षा में जेल भेजा गया।