नगर के एक कम्युनिकेशन सेंटर पर रेलवे की इंटेलिजेंस और आरपीएफ टीम ने छापामार कार्रवाई करके कम्युनिकेशन सेंटर चलाने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों संचालकों पर रेलवे की फर्जी आईडी बनाकर टिकट बनाने का आरोप है। टीम ने सेंटर से लैपटॉप, प्रिंटर सहित अन्य सामान बरामद किया है। वहीं फर्जी आईडी से निकाली गईं रेलवे टिकट भी टीम ने कब्जे में ली है।
गुरुवार दोपहर सोरों गेट इलाके के दुर्गे कम्युनिकेशन सेंटर के यहां इज्जतनगर इंटेलिजेंस टीम और आरपीएफ टीम ने छापा मारा। इंटेलिजेंस टीम के इंस्पेक्टर मयंक चौधरी ने साधा कपड़ों में एक टिकट निकलवाई और इसका भुगतान केंद्र संचालक मनीत कुमार को दिया। टिकट लेकर भुगतान करते ही टीम ने सेंटर को घेर लिया और मनीत को हिरासत में ले लिया। टीम मनीत को लेकर आरपीएफ थाने पहुंची।
बाद में शिवम भारद्वाज निवासी लालपुर को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बताया गया कि शिवम की आईडी से मोबाइल पर टिकट जारी की गई जिसका प्रिंट निकालकर मनीत ने दिया।
इंटेलिजेंस एवं आरपीएफ टीम की इस कार्रवाई से नगर में हड़कंप मचा रहा। आस पास के दुकानदार बाद में आरपीएफ पोस्ट पर पहुुंचे जहां उन्होंने घटनाक्रम की जानकारी ली। मनीत को बेगुनाह बताते हुए छोड़ने की मांग की, लेकिन टीम ने सभी को समझाते हुए इंकार कर दिया। इंटेलिजेंस इंस्पेक्टर मयंक चौधरी ने बताया कि एक टिकट पर 300 रुपये अतिरिक्त लेकर यह टिकट जारी करते थे।
उन्हें इस संबंध में सूचना मिल रही थी। टीम ने पूरी तरह से इस बारे में जानकारी हासिल की फिर कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ रेलवे एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।