जिले में इंटरमीडिएट अंग्रेजी विज्ञान वर्ग प्रथम का पेपर आउट करके परीक्षार्थियों को सॉल्वड पेपर उपलब्ध कराने वाले आरोपियों के रैकेट का पुलिस ने राज फाश किया। चार आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा है। जबकि दो अभी भी फरार हैं।
गौरतलब है कि शनिवार को द्वितीय पाली में इंटरमीडिएट विज्ञान वर्ग अंग्रेजी प्रथम का पेपर था। परीक्षा के दौरान अमांपुर के रानामऊ परीक्षा केंद्र से दो लावारिस मोबाइल बरामद हुए थे। इसमें सॉल्वड पेपर मिला। गंजडुंडवारा में भी सॉल्वड पेपर बरामद हुए थे। इस पेपर आउट होने की सूचना होने से हड़कंप मच गया।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने थाना अमांपुर एवं गंजडुंडवारा में पेपर आउट करने वाले अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पेपर आउट से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस अधीक्षक पीयूष कुमार श्रीवास्तव ने तत्काल इंटेलिजेंस विंग एवं अमांपुर और गंजडुंडवारा पुलिस को सक्रिय करके मामले के राजफाश के निर्देश दिए। लावारिस मिले मोबाइल के माध्यम से इंटेलिजेंस सर्विलांस टीम को महत्वपूर्ण सुराग हासिल हुए।
पुलिस ने आरोपियों को चिह्नित किया और गंजडुंडवारा के मोहनपुर रोड चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों में पवन सक्सेना पुत्र बांकेलाल, ज्ञान प्रकाश शाक्य पुत्र सुरेश चंद्र निवासी गंजडुंडवारा, मोहम्मद आसिफ एवं मोहम्म्द आमिर पुत्रगण जगराम अली निवासी मोहनपुर थाना सहावर को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधीक्षक पीयूष श्रीवास्तव ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि चारों आरोपियों के पास से पुलिस ने एक लैपटॉप, चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। दो आरोपी श्यामवीर एवं संदीप राठौर निवासी गंजडुंडवारार फरार हैं।
उन्होंने बताया कि श्यामवीर व संदीप ने आउट पेपर व्हॉट्स एप पर प्राप्त करके पवन सक्सेना द्वारा सॉल्व कराया। ज्ञान प्रकाश के कंप्यूटर के माध्यम से यह प्रक्रिया की गई। आसिफ व आमिर ने छात्रों को पेपर उपलब्ध कराके रकम वसूली। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इंटेलिजेंस विंग टीम को 5 हजार रुपये का पुरस्कार इस घटना के राज फाश के लिए दिया गया है।
अभी नहीं सुलझा सवाल, कहां से निकला पेपर
पेपर आउट के मामले का भले ही राज फाश हेा गया हो, लेकिन एक अहम सवाल अभी भी खड़ा हुआ है कि पेपर किस परीक्षा केंद्र के लॉकर से आउट हुआ। इसका सुराग न तो पुलिस ही लगा पाई है और न ही शिक्षा विभाग। पेपर लीक के मामले को 4 दिन का समय भी हो गया है। पुलिस ने इस खुलासे में व्हॉट्स एप को पेपर आउट का माध्यम बताया है, लेकिन कहीं न कहीं से पेपर लीक हुआ। यह पकड़े गए आरोपियों ने भी स्वीकार नहीं किया है। जिला विद्यालय निरीक्षक आरएसएस राजपूत के पास भी इसका जवाब नहीं है। उनका कहना है कि किसी भी परीक्षा केंद्र से व्हॉट्सअप के माध्यम से लीक हुआ है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है।