बरनाहल। गांव नगला मान्धाता में छप्पर में लगी आग की चपेट में आकर मजदूर की मौत हो गई। घटना के समय घर के अन्य सदस्य पास ही झोपड़ी में सो रहे थे। आग की लपटें उठती देख ग्रामीणों ने आग को बुझाया। तब तक मजदूर की मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
थाना क्षेत्र के नगला मान्धाता निवासी अनार सिंह मेहनत मजदूरी कर नौ लोगों के परिवार का भरण पोषण कर रहा था। घर में उसके अलावा मां, पत्नी व छह बच्चे हैं। रविवार रात अनार सिंह घर के बाहर छप्पर के नीचे चारपाई डालकर सो रहा था। घर के अन्य लोग पास ही पशु बांधे जाने वाली झोपड़ी में सो रहे थे। रात को अचानक छप्पर में आग लग गई।
आग की लपटें उठता देख ग्रामीण जाग गए और शोरगुल होने लगा। छप्पर में लगी आग ने घर को चपेट में ले लिया। वहीं चारपाई पर सो रहे अनार सिंह के ऊपर ही छप्पर गिर गया। इसके बाद भी आग की तीव्रता कम नहीं हुई। करीब आधा घंटा तक ग्रामीणों ने संयुक्त प्रयास के बाद आग पर काबू किया लेकिन तब तक अनार सिंह की मौत हो चुकी थी। शव देखकर परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
आठ लोगों का परिवार हुआ मोहताज
नगला मान्धाता निवासी मजदूरी की जलने से मौत के बाद अब घर में बचे आठ लोगों का परिवार दाने दाने को मोहताज हो गया है। घर के इकलौते कमाने वालेे अनार सिंह की मौत के बाद मृतक की पत्नी प्रवीणा, बच्चे 15 वर्षीय ललित कुमार, 13 वर्षीय ललिता, 10 वर्षीय अर्चना, आठ वर्षीय करन, छह वर्षीय साहिल, चार वर्षीय सोनम और मां पच्चो देवी के सामने अब रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है।