एटा। नगर पालिका की दुकानों में काबिज दुकानदारों पर लाखों रुपये के बकाया किराए की वसूली को लेकर पालिका प्रशासन ने कड़ाई करना शुरू कर दिया है। अधिशासी अधिकारी के निर्देश पर पालिका की दुकानों की सत्यापन शुरू हो गया है।
नगर में पालिका ने 860 दुकानों का निर्माण कराया है। विभिन्न इलाकों में बनी दुकानोें की स्थिति को लेकर अब तक पालिका की ओर से कोई संज्ञान नहीं लिया गया। आलम यह रहा कि पालिका की दुकानें जिन अवांटियों को दी गईं, उन्होंने दुकानों को अब दूसरे किराएदारों को उठा दिया है। आवंटी पालिका को शासन द्वारा निर्धारित किराया देता है, लेकिन दूसरे किराएदार से मनमाने तरीके से किराए की वसूली करता है।
ऐसी दुकानों का सत्यापन अब पालिका ने शुरू कर दिया है। पालिका की टीमें दुकानों पर जाकर मौजूदा हालत के साथ उनके अनुबंध, बकाया किराया और काबिज व्यक्ति की जानकारी जुटाएगी। फिलवक्त पालिका में दुकानों की फाइलें खंगाली जा रही हैं। प्रभारी अधिशासी अधिकारी और एएसडीएम रामदत्त राम ने बताया कि पालिका की दुकानों का सत्यापन शुरू कराया जा रहा है। इसमें बकायेदारों और काबिज दुकानदारों का सत्यापन किया जाएगा। इसमें अनियमितता मिलने पर दुकानदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सफाई ठेका निरस्त होने पर जताई संतुष्टि
नगर पालिका में सफाई कार्य का ठेका निरस्त होने पर सभासदों ने संतुष्टि जताई है। सभासदों ने ईओ से मिलकर खुशी जताई। साथ ही सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर सहयोग देने का आश्वासन दिया। ईओ ने बताया कि नगर में सफाई कार्य में सफाई कर्मचारियों को लगा दिया गया है। एक-एक वार्ड में 12 से 13 कर्मचारियों की तैनाती की गई। लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।