कासगंज।
यार्ड में ट्रेन की सफाई करते समय दवा छिड़कने के दौरान एक ठेके के सफाईकर्मी का दम घुट गया। कर्मी को अस्पताल ले जाया गया। जहंा उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। जीआरपी ने उसके शव को पोस्टमार्टम को भेज दिया।
पुरुषोत्तम(30) निवासी ग्राम सैलई चार माह पहले ही रेलवे में ठेके तहत सफाई कार्य पर लगा था। बुधवार देर शाम जंक्शन पर पहुंचने वाली पैसेंजर ट्रेन को सफाई के लिए यार्ड में भेज दिया गया। सफाईकर्मी ने ट्रेन की सफाई का काम शुरू कर दिया। उसने ट्रेन के डिब्बों के एक एक कर दरवाजे भी बंद कर दिए। जब वह ट्रेन में कीटनाशक दवा का छिड़काव कर रहा था तभी सांस के साथ दवा की गंध शरीर के अंदर पहुंच गई, जिससे उसे घुटन होने लगी। घुटन महसूस होने पर वह ट्रेन से बाहर निकल आया। उसने यार्ड में मौजूद अन्य कर्मियों को इसकी जानकारी दी। कर्मी उसे रेलवे अस्पताल ले गए। देर रात उसकी मौत हो गई।
मौत की जानकारी जीआरपी और उसके परिवरीजनों को दी गई। गुरुवार को मामले की जानकारी मिलने पर काफी संख्या में ग्रामीण, वाल्मीकि समाज के लोग भी जीआरपी आ गए। सूचना पर एसडीएम देवेद्र प्रताप सिंह, सीओ वीएस वीरकुमार भी जीआरपी पहुंचे।
उपजिलाधिकारी ने बताया कि मृतक की पत्नी को पारिवारिक पेंशन योजना, विधवा पेंशन योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा नगर पालिका से भी 25 हजार रुपये की आर्थिक मदद के लिए पुरुषोत्तम के चार बच्चे हैं। पत्नी नगीना पति के शव से लिपटकर बार बार रो रही थी।
सुरक्षा मानकों की होती है अनदेखी
कासगंज। रेलवे में सिर्फ अधिकारियों के आगमन के समय ही नियम, मानकों पर ध्यान दिया जाता है। सफाईकर्मी जब ट्रेन में कीटनाशक दवा का छिड़काव कर रहा था उस समय न तो उसने चेहरे पर मास्क ही लगा रखा था और न ही हाथों में दस्ताने पहने रखे थे। यही चूक उसकी मौत का कारण बन गई।