फिरोजाबाद। जिला महिला अस्पताल मातृ एवं शिशु सुरक्षा योजना के लिए कतई गंभीर नहीं। प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को बिना जांच के ही गंभीर केस बताकर आगरा या प्राइवेट अस्पताल में रेफर कर दिया जाता है। इसकी हकीकत तब सामने आई जब कुछ दिन पहले एक गर्भवती को खून की कमी बताकर आगरा रेफर कर दिया।
उस महिला ने थोड़ी ही दूरी पर सामान्य डिलीवरी से बच्चे को जन्म दिया। आगरा मेडिकल कालेज में जांचे कराई गईं तो रिपोर्ट सामान्य दिखी। दंपति ने स्वास्थ्य अधिकारियों ने संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
सैलई निवासी अशोक कुमार पत्नी राजकुमारी को प्रसव पीड़ा उठाने पर एक नवंबर 2017 की शाम को सवा सात बजे जिला महिला अस्पताल लाया, यहां महिला चिकित्सक ने बिना जांच किये ही खून की कमी बताकर आगरा रेफर कर दिया। आगरा ले जाने के दौरान महिला अस्पताल से करीब 200 मीटर की दूरी पर ही सामान्य डिलीवरी बच्चे को जन्म दिया।
इसके बाद प्रसूता को भर्ती करने के लिए अशोक कुमार वापस ले आए। मगर ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ने भर्ती करने से मना कर दिया। फिर महिला को आगरा एसएन मेडिकल कालेज के स्त्री रोग विभाग में भर्ती कराया। यहां जांच के दौरान महिला की रिपोर्ट सामान्य आईं। वहां के चिकित्सकों ने अगले दिन ही छुट्टी कर दी।
लापरवाह चिकित्सक एवं स्टाफ पर कार्रवाई की मांग को लेकर सीएमओ को शिकायती पत्र दिया है। महिला सीएमएस डा. साधना राठौर ने कहा कि शिकायती पत्र हमें मिला है। जांच कमेटी गठित की है। जिसमें डा. लाल कुमार एवं डा. एलके गुप्ता जांच कर रहे हैं। जांच में दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।