फिरोजाबाद। एसआईटी जांच के घेरे में आए 151 शिक्षकों को शिक्षा विभाग ने नोटिस जारी करना बुधवार को शुरु कर दिया। विभाग फर्जी शिक्षकों पर सख्त रवैया अपनाने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश में है। फर्जी शिक्षकों की जांच में लगातार पर्दा डालने की कोशिश हो रही है। वहीं पूर्व में हुई जांच में फर्जी शिक्षकों पर विभाग का रवैया पूरी तरह नरम रहा और जांच ठंडे बस्ते में डाल दी थी।
डा. बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी से वर्ष 2004-05 में बीएड की फर्जी डिग्री हासिल करने वाले शिक्षकों पर नोटिस पहुंचना शुरु हुए तो शिक्षा विभाग में खलबली मची गई। बीएसए आफिस में शिक्षकाें को बुलाकर नोटिस थमाए गए। विभाग ने फोन भी नहीं किए, मगर फर्जी शिक्षक सूची में अपना नाम समझकर बीएसए आफिस पहुंचे और गुपचुप तरीके से अपना नाम बताकर नोटिस मांगते रहे।
पहले दिन कुछ शिक्षकों पर नोटिस पहुंचे। विभाग ने स्पष्टीकरण देने के लिए 10 दिन का समय दिया है। अन्यथा फर्जी शिक्षक मानकर विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी है। जांच में पूरी तरह फर्जी तरीका एवं टेंपर्ड मार्कशीट बनवाने वाले शिक्षकों पर गाज गिरना तय है।
जिले में सर्वाधिक फर्जी बीएड से नौकरी हासिल करने वाले शिक्षक मिले हैं। विभाग फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। क्योंकि शासन ने जो सीड़ी विभाग ने भेजी है, उसमें किसी अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं है। ऐसे में विभाग फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। बीएसए सचिदानंद यादव का कहना है कि जांच गोपनीय है। इसलिए हम सूची जारी नहीं करेंगे। बंद लिफाफे में शिक्षक को नोटिस देंगे। स्पष्टीकरण देकर कार्यालय में जमा कर जाएंगे। जांच पूरी होने के बाद नाम पता चल ही जाएंगे।
डा. भीमराव अम्बेड़कर विवि, आगरा से 2004-05 में फर्जी डिग्री हासिल कर शिक्षक बनने का खेल किया गया था। लेनदेन का खेल कर 2004 में विवि से बीएड की फर्जी डिग्री हासिल की गई थी। कुछ ने अंक पत्रों में चढ़े अंकों में हेरफेर करवाया था। इस प्रकरण की जांच एसआईटी से कराई गई तो फर्जीवाड़ा सामने आ गया।