सपा सरकार में अलीगंज से पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव और उनके भाई पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव के खिलाफ शासन ने जांच बैठा दी है। शासन स्तर से दोनों भाइयों की जमीन और आय से अधिक संपत्ति को लेकर जांच शुरू हो गई है। इसे लेकर जिले के सपा नेताओं में हड़कंप मच गया है।
दरअसल, पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव ने विधान सभा चुनाव के नामांकन के दौरान अपनी संपत्ति के ब्यौरे में करोड़ों रुपये की जमीनें और आय दिखाई थी। चुनाव बीतने के बाद भाजपा सरकार बनी, तो शासन से दोनों भाइयों की संपत्ति को लेकर शिकायत की गई। शिकायत में वर्ष 2012 से पहले की संपत्ति की तुलना करते हुए जांच की मांग की गई। शासन से मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच के लिए विशेष टास्क फोर्स का गठन किया। जिसका प्रमुख अलीगढ़ के अपर आयुक्त प्रशासन को बनाया गया। मामले में जांच टीम ने दोनों नेताआें को नोटिस जारी करते हुए संपत्ति का ब्यौरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसे लेकर दोनों नेताओं की ओर से जांच टीम से वक्त मांगा गया है। उधर, जिले के प्रमुख नेताआें के खिलाफ जांच होने से सपा नेताआें में हलचल मच गई है।
कब्जाें की थी शिकायतें
दरअसल, पूर्व विधायक और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पर जमीन पर कब्जे कराने के आरोप लगे हैं। अलीगंज क्षेत्र के वाशिंदों ने इसे लेकर शासन से शिकायतें भी की हैं। जिसको शासन ने गंभीरता से लिया और जांच के आदेश कर दिए।
इनका कहना है
-शासन के आदेश पर जांच की जा रही है। मामले में दोनों नेताओं से जवाब मांगा गया है। इसके लिए उन्होंने वक्त मांगा है। जांच के बाद शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
फैसल आफताब, जांच अधिकारी और अपर आयुक्त प्रशासन, अलीगढ़
-आय से अधिक संपत्ति के मामले में हमें नोटिस प्राप्त हुआ है, जिसका हम जवाब तैयार कर रहे हैं। सिर्फ राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते हमें परेशान किया जा रहा है।
जुगेंद्र सिंह यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष