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जर्जर भवन के चलते अभिभावकों ने रोके अपने बच्चे

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जर्जर भवन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अलीगंज (एटा)।
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शिकायतों के बाद भी नहीं शिक्षा विभाग नहीं चेत रहा। यही कारण है कि अभिभावकों ने जर्जर-गिरासू उच्च प्राथमिक विद्यालय अल्लापुर में बच्चों को भेजना बंद कर दिया। इसके बाद प्रभारी प्रधानाध्यापक ने उच्च प्राथमिक कक्षाओं को प्राथमिक विद्यालय में शिफ्ट कर दिया है।
बताते चलें कि जर्जर भवन को लेकर की गई शिकायतों के बाद भी विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा।
उच्च प्राथमिक विद्यालय अल्लापुर का जर्जर भवन जानलेवा बन सकता है। चटकी व गिरासू इमारत को लेकर अभिभावकों-बच्चों में ही नहीं शिक्षकों में भी दहशत है। वर्षों से इसी हाल में खड़े भवन की छत ही नहीं दीवारें भी ध्वस्त हैं। फर्श में गड्ढे हैं। इसमें बैठना तो दूर यहां से गुजरने में भी डर लगता है। प्रभारी प्रधानाध्यापक डॉ रूपेश शर्मा ने बताया कि बीते दो वर्ष से वे कक्षाएं भवन में नहीं लगा रहे। अभिभावकों के विरोध के बाद जुलाई माह से विद्यालय प्राथमिक विद्यालय में शिफ्ट कर दिया है।
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डॉ शर्मा के अनुसार वे कई बार तत्कालीन बीएसए एवं बीईओ को नए भवन एवं जर्जर भवन गिराने के लिए लिख चुके हैं। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई है। विभागीय उदासीनता का अदंाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बीते वर्षों से हो रही शिकायतों के बाद भी भवन को नहीं गिराया गया।
इसकी विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय ठंडींगरा के चटके लेंटर को लेकर भी बच्चों, अभिभवकों एवं शिक्षकों में भय व्याप्त है।

दो कक्षाओं में लग रहीं आठ कक्षाएं
अल्लापुर स्थित प्राथमिक विद्यालय के दो कमरों में आठ कक्षाएं लग रहीं हैं। एक कमरे में कक्षा एक से पांच एवं दूसरे में छह से आठ तक की कक्षाएं संचालित हो रही हैं। ऐसे में आठ कक्षाओं के दर्जन भर विषयों की पढ़ाई कैसे हो पा रही होगी? इसे लेकर लोगों में चर्चाएं हैं।
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प्रधानाध्यापक की सूचना पर जर्जर भवन का निरीक्षण कर जूनियर की कक्षाएं प्राथमिक में शिफ्ट कर दी गई हैं। वहीं ठंडीगरा के प्रधानाध्यापक से प्रस्ताव मांगा गया है।
भारती शाक्य, खंड शिक्षा अधिकारी अलीगंज
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