आगरा। भारत-चीन सीमा पर विवाद का असर रक्षाबंधन के त्योहार पर भी दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि अबकी बाजार में चाइनीज राखियां न के बराबर हैं। सात अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व है। इस बार कई प्रकार की राखियां बाजार में आई हैं। खासकर स्टोन, चंदन, रुद्राक्ष और बच्चों के लिए डोरीमोन, छोटा भीम, बाल गणेश और बाहुबली की राखियों की मांग है।
केंद्र और राज्य में भाजपा सरकार होने के चलते मोदी और कमल स्पेशल राखी भी बाजार में हैं। चाइनीज राखियों की बात करें तो पिछले साल तक लगभग पांच करोड़ रुपये का व्यापार था, लेकिन अबकी विक्रेताओं ने स्वयं इनसे दूरी बना ली है। लोहार गली केराखियों के थोक विक्रेताओं का कहना है कि बाजार में चाइनीज राखियां नोटबंदी के बाद से ही नहीं ली गई। इस बार ग्र्राहक भी चाइनीज राखियों की मांग नहीं कर रहे। सिंधी बाजार, किनारी बाजार, लोहामंडी बाजार, रावत पाड़ा बाजार, राजा मंडी बाजार, सुभाष बाजार, शहागंज बाजार में राखियों की विभिन्न वैराइटियां दुकानों पर सजी हुई है।
नया ट्रेंड कॉम्बीनेशन राखी का
इस साल की स्पेशिलिटी कॉम्बिनेशन राखी की है। डिजाइनर राखियों में एडी की राखी और कोट पिन का सेट, भाई-भाभी राखी का डिजायनर सेट, राखी और साड़ी पिन के सेट बाजार में मौजूद हैं जिनकी कीमत 300 रुपय से 500 रुपय है। भाभियों के हाथों पर प्यार सजाने के लिए स्पेशल राजस्थानी, कलकत्ता और बनारस के लुंबे आए है। जिसमें मोती और कढ़ाई का काम है। ये लुंबे भाभी की साड़ी की मैचिंग के खरीदें जा सकते है। इनकी कीमत 120 से 150 रुपय है।
भारतीय राखियों की मांग है। इस बार चाइनीज राखियां खरीदी ही नहीं। भाजपा सरकार की बातों का असर पूरी तरह से शहर की जनता पर छाया हुआ है।
-पवन अग्रवाल, राखी थोक विक्रेता, लोहार गली
राजस्थानी लुंबे भाभियों के लिए महिलाओं को खूब पंसद आ रहे है। भाईयों की राखी में सबसे अधिक मांग रुद्राक्ष और चंदन राखी की है।
-अखिल, राखी विक्रे ता
अपने बड़े भाई के लिए रुद्राक्ष राखी खरीदी है और छोटे भाई के लिए स्पेशल छोटा भीम राखी ली है। छोटे भाई को इसमें जलने वाली लाइट बहुत पंसद आएंगी।
-सोनिया शर्मा खरीदार