किसी ने घरों से बाहर निकले की हिम्मत नहीं जुटाई
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आगरा। एत्माद्दौला के प्रकाशपुरम में 29 जुलाई की सुबह की गई सिपाही सतीश यादव की हत्या में तीसरे दिन भी पुलिस कोई सुराग तक हासिल नहीं कर पाई। नाकामी का यह हाल तब है जबकि खुलासे के लिए एक या दो नहीं, पूरी 16 टीमें काम कर रही हैं। छह टीमें घटना के तुरंत बाद गठित कर दी गई थी। बाद में चार चार सिपाहियों की 10 टीमें और लगा दी गई।
इनके अलावा एक टीम रिटायर्ड पुलिसकर्मियों की लगी है। माना जा रहा है कि सिपाही के खून से हाथ रंगने वाले अपराधी आस पास के ही चोर-उचक्के हैं, लेकिन पुलिस उनका कुछ पता नहीं कर पा रही है। सभी थानों को हत्यारे का स्केच भेज दिया गया है। इससे भी कोई फायदा नहीं हुआ है। इस हुलिए का बदमाश नहीं मिला है।
एडीजी जोन से लेकर डीजीपी आफिस तक से लगातार पूछा जा रहा है कि सिपाही की हत्या की जांच कहां तक पहुंची? कुछ सुराग मिला या नहीं? इन सवालों पर अधिकारी क्या जवाब दें। पुलिस सूत्रों का कहना है कि हर बार यही कहा जा रहा है कि प्रयासों में कोई कमी नहीं है, जल्द ही कोई क्लू मिल जाएगा, लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है।
पोस्टिंग का लालच दिया, पर बात नहीं बनी
पुलिस सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों की ओर से इतना तक कह दिया गया है कि जो भी पुलिसकर्मी इस घटना का खुलासा करेगा, उसे मनचाही पोस्टिंग दी जाएगी। इसके अतिरिक्त शासन तक से पुरस्कार दिलाया जाएगा। इसके बावजूद बात बन नहीं पा रही है। पुलिस की एक टीम ने जेल में बंद चोरों से भी पूछा है कि एत्माद्दौला में ऐसा कौन सा गिरोह है जिसने यह दुस्साहसिक वारदात की। इस पर ऐसा कोई जवाब नहीं मिला जिससे सुराग निकल सके।