मैनपुरी। रोडवेज के बेवर डिपो में प्रोत्साहन राशि के नाम पर 2.19 लाख रुपये का घोटाला हुआ है। इस डिपो में बिना पर्याप्त किलोमीटर बस चलाए ही चालक और परिचालकों में प्रोत्साहन राशि बांट दी गई। जब मामले का खुलासा हुआ तो एमडी स्तर से जांच कराई गई। जांच में घोटाले की पुष्टि होने पर प्रबंध निदेशक ने संबंधित सभी 79 लोगों से उक्त पैसे की रिकवरी करने के आदेश दिए हैं।
रोडवेज में नियम है कि प्रतिमाह 22 दिनों में पांच हजार किलोमीटर से अधिक बस चलाने पर तीन हजार रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए जाते हैं। इसी क्रम में अप्रैल 2016 से लेकर मार्च 2017 तक बेवर डिपो के कुल 79 चालक और पलिचालकों को 2.19 लाख रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दे दिए गए। इनमें से अधिकांश चालक परिचालक संविदा पर रोडवेज में तैनात हैं। इसकी शिकायत डिपो के एक कर्मचारी ने प्रबंध निदेशक कार्यालय में की।
एमडी के आदेश पर अलीगढ़ डिपो के लेखाकार के नेतृत्व में जांच टीम बनाई गई। जांच में पता चला कि अनियमित रूप से पैसा बांटने के बाद कागजों में घोटाला छिपाने के लिए बड़े पैमाने पर कटिंग और ओवर राइटिंग की गई है। इसकी रिपोर्ट टीम ने एमडी कार्यालय को दी। उसके बाद एमडी ने क्षेत्रीय प्रबंधक इटावा को आदेश दिए कि वे सभी संबंधित आरोपियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ रिकवरी नोटिस जारी करें। साथ ही पूरे पैसे की वसूली की जाए। इस पर आरएम इटावा ने एआरएम बेवर बीके गंगवार से उन चालक परिचालकों की सूची मांगी है जिन्हें प्रोत्साहन राशि वितरित की गई है। इसके बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
एआरएम बेवर बीके गंगवार का कहना है कि यह मेरे कार्यकाल का मामला नहीं है। रिकार्ड देखने के बाद सूची बनाई जाएगी और उसे आरएम कार्यालय भेजा जाएगा। वहां से जो आदेश मिलेंग, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।