गंगा नदी उफान भर रही है। पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के कारण यह उफान तेजी से बढ़ा है। हरिद्वार में गंगा के खतरे के निशान के पास पहुंचते ही सभी क्षेत्रों में अलर्ट घोषित कर दिया है। सिंचाई विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों में क्षेत्र में लो फ्लड होने की संभावना जताई है। तटवर्ती इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। गंगा में आ रहे पानी के सैलाब की सूचना पाकर लो फ्लड प्रभावित ग्रामीण इलाकों में हड़कंप के हालात हैं।
गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। बुधवार को हरिद्वार से गंगा में पानी का डिस्चार्ज दो गुना हो गया। बुधवार को यह डिस्चार्ज 58000 क्यूसेक का था जो गुरुवार को यह बढ़कर 1,19,991 क्यूसेक हो गया। हरिद्वार से आगे की ओर पानी का डिस्चार्ज इस वजह बढ़ाया गया क्यों कि वहां के भीम गोंडा बैराज पर गंगा खतरे के निशान के पास पहुंच रही थी। भीम गोंडा बैराज पर खतरे का निशान 293.35 मीटर पर है।
गंगा इस निशान से केवल 0.65 मीटर नीचे बह रही थी। हरिद्वार में बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया गया। बिजनौर बैराज पर बुधवार को 66,000 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज था जो गुरुवार को बढ़कर 1,22,000 क्यूसेक हो गया। हरिद्वार और बिजनौर के बैराज से पानी का बढ़ा हुआ दबाव नरौरा बैराज पर आने लगा है। नरौरा से कछला की ओर भी पानी का दोगुना डिस्चार्ज हो गया। बुधवार को 13000 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज कछला की ओर था। अब यह डिस्चार्ज बढ़कर गुरुवार को 28000 क्यूसेक का हो गया।
सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष के प्रभारी सहायक अभियंता एके सिंह ने बताया कि अगले 24 से 48 घंटों में लो फ्लड होने की संभावना हो सकती है। हरिद्वार से डिस्चार्ज और बढने पर कछला पर जलस्तर में और तेजी से वृद्धि होगी। जिले में सभी तहसीलों के एसडीएम ने राजस्व कर्मियों को अलर्ट कर दिया है। वहीं गंगा के तटवर्ती गांव दतलाना के हरिओम मिश्रा ने बताया कि अभी गंगा का पानी बढ़ रहा है, लेकिन खतरे की कोई बात नहीं है।
लो फ्लड से प्रभावित होने वाले गांव
कासगंज। लो फ्लड से जिले की सभी तहसील क्षेत्रों के कुछ गांव प्रभावित होते हैं। यहां सबसे पहले बाढ़ का पानी दस्तक देता है। कासगंज तहसील के लो फ्लड प्रभावित गांव में चंदनपुर, गऊपुरा, पाठकपुर, मानपुर नगरिया गांव हैं। वहीं सहावर तहसील के मोहम्मदपुर, बाजनगर सफेद एवं गुलाबी गांव हैं। पटियाली तहसील क्षेत्र के गांव देवकली, नवाबगंज, नगरिया, नगला तरसी, सिकंदरपुर वैश्य, हसदगढ़, हरौड़ा, नादरमई, सनोई खाम, लभेड़ एवं नगला डामर हैं।
बाढ़ की व्यवस्थाओं को लेकर जनपद में पहले से ही तैयारियां कर ली गई हैं।तीन बाढ़ चौकियां बनाई गईं हैं। जहां राजस्व कर्मियों की तैनाती की गई है। चिकित्सा प्रंबंध एवं पुलिस के प्रबंध भी किए गए हैं। प्राइवेट नाविकों के नाम भी पंजीकृत किए गए हैं, जिससे आवश्यकता होने पर नाव ली जा सकें। बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित करके जलस्तर की निगरानी की जा रही है।
आरपी सिंह, जिलाधिकारी