सिरसागंज (फिरोजाबाद)। रात में जैसे ही अमरनाथ यात्रियों पर हमला हुआ तो यात्रा पर गये श्रद्धालुओं के परिवारीजनों में हदशत की लहर दौड गयी। हर कोई अपने लोगों से संपर्क साधने में जुट गया। वहीं सिरसागंज के राजीव कुशवाह ने फोन पर अपने परिवारीजनों को धैर्य प्रदान किया कि उनके साथ गये सभी लोग सुरक्षित हैं और सही स्थान पर हैं।
देर रात फोन पर उनके परिवारीजनों से हुई बात में उन्होने कहा कि हम मंगलवार की सुबह दर्शन के लिये पैदल यात्रा शुरू करेगें। उन्होने अपने घर के लोगों को इस बात से भी अवगत कराया कि चढाई के दौरान उनसे कोई संपर्क नही हो सकेगा। सोमवार की रात राजीव कुशवाह ने बताया कि कि जिस बस पर आंतकवादी हलमा हुआ वे कुछ समय पहले ही उन्हे एक भंडारे पर मिली थी। और हमले वाले स्थान से उनकी बस भी आधे घंटे पहले ही गुजरी थी।
वहीं, देश के प्रमुख तीर्थ स्थल अमरनाथ बाबा वर्फानी की यात्रा पर गये श्रद्धालुओं पर हुऐ आतंकवादी हमले का गुस्सा पूरे देश में देखने को मिल रहा है। फेसबुक और टवीटर पर लोग घाटी के आंतकवाद पर करारा प्रहार करने की मांग कर रहे हैं तो दूसरी और हमले में मारे गये श्रद्धालुओं को श्रद्धांजली और उनके परिवार के लिये धैर्य की कामना भी कर रहे हैं। शिकोहाबाद के सीए अवधेश पाठक ने हमले की निंदा की वहीं राज जैन ने सरकार के सख्त कदम की सराहना की है।
जम्मू कशमीर का श्रीनगर का ईलाका पूर्णत: मुस्लिम वाहुल्य क्षेत्र माना जाता है लेकिन साल में श्रावण मास में होने वाली अमरनाथ यात्रा एक ऐसा पर्व है जब लाखों की संख्या में श्रद्धालू घाटी में बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिये पहुंचते हैं। लेकिन 2016 में अमरनाथ यात्रा पर गये सुधीर उपाध्याय ने बताया कि जहां घाटी के कुछ लोग इस यात्रा को अपनी सालाना आय का जरिया मानते हैं वहीं कुछ कटटरवादी लोग इस यात्रा को बंद कराने पर आमादा हैं।
उन्होने बताया कि जब 8 तारीख को वे बाबा के दर्शन कर लौटे थे तभी आतंकवादी बुहरानवानी का ऐनकाउंटर हुआ था जिसके बाद उन्हे तीन दिन वहीं गाडी में रूककर समय बिताना पडा था। 72 घंटों के बाद सेना ने रात करीब 1 बजे 900 गाडियों को एक साथ श्रीनगर से जम्मू के लिये रवाना किया था।
अमरनाथ यात्री सुधीर उपाध्याय ने बताया कि अनंतनाग का माहौल ऐसा था कि सडकों पर भारी भरकम पेड और बिजली के खंम्बे डालकर सडकों को जाम कर दिया गया था और तब भी गुजरात की दो बसों को रोककर उनके पाकिस्तान जिंदावाद के नारे लगवाऐ गये थे और बसों के यात्रियों के साथ मारपीट की गयी थी।